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42. बाबू || यह जीवन है || जीवन भी बिना रीटेक का

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42. बाबू || यह जीवन है || जीवन भी बिना रीटेक का  बाबू  यह जीवन है  जीवन भी बिना रीटेक का  इसमें रीटेक नहीं होता  इसमें दूसरा मौका नहीं मिलता बाबू  अपने जीवन को दाव पर मत लगाओ बाबू  यह जीवन है बिना रीटेक का  इसमें रीटेक नहीं होता  इसे दाव पर मत लगाओ  बाबू  यह जीवन है माता और पिता का  उनके कर्ज उतारने का  इसी दाव पर मत लगाओ बाबू  यह जीवन है बिना रीटेक का  इसमें रीटेक नहीं होता  इसे दाव पर मत लगाओ  यह जीवन है भाई और बहन के प्यार का  वह आपका इंतजार करते हैं  बाबू  बाबू जीवन में रिटेक नहीं होता  इसे दाव पर मत लगाओ बाबू यह जीवन है बिना रीटेक का  इसमें रीटेक नहीं होता  इसमें दूसरा मौका नहीं मिलता इसे दाव पर मत लगाओ लेखक ॐ जितेंद्र सिंह तोमर 18/5/20/8/2021

40. मां किसको मिलेगी? (एक अनोखा मुकदमा)

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40. मां किसको मिलेगी ? (एक अनोखा मुकदमा) 💢एकअनोखा मुकदमा💢 यह कलयुग है। इसमें क्या कुछ देखने को नहीं मिलता परंतु सतयुग की कुछ मर्यादाएं आज भी जीवित हैं। उन्हीं में से एक मैं आपके सामने रखने का प्रयास कर रहा हूं।  अदालतों में प्रॉपर्टी विवाद व अन्य पारिवारिक विवाद के केस आते ही रहते हैं। मगर ये मामला बहुत ही अलग था। न्यायालय में एक मुकद्दमा आया जिसने सभी को झकझोर दिया।          एक 60 साल के  व्यक्ति ने, अपने 75 साल के बूढ़े भाई पर मुकद्दमा किया था।      मुकदमा कुछ यूं था कि "मेरा 75 साल का बड़ा भाई, अब बूढ़ा हो चला है, इसलिए वह खुद अपना ख्याल तो ठीक से रख नहीं सकता । मगर मेरे मना करने पर भी वह हमारी 95 साल की मां की देखभाल कर रहा है। मैं अभी भी ठीक ठाक हूंँ, सक्षम हूँ। इसलिए अब मुझे मां की सेवा करने का मौका दिया जाय और मां को मुझे सौंप दिया जाय"।          न्यायाधीश महोदय का दिमाग घूम गया और मुक़दमा भी चर्चा में आ गया। न्यायाधीश महोदय ने दोनों भाइयों को समझाने की कोशिश की कि आप लोग माता जी को अपने साथ 15 -15 दिन के ल...

38. "*आंखों देखा भृम *" (एक लघु कथा)

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38. "*आंखों देखा भृम *" (एक लघु कथा) एक समय की बात है एक सन्त रामेश्वरम भ्रमण के लिए गए। एक दिन वह धनुष्कोटी के समुद्र तट पर प्रात: काल भ्रमण कर रहे थे।  समुद्र के तट पर उन्होने देखा कि एक पुरुष, एक स्त्री की गोद में सिर रख कर सोया हुआ है। पास में शराब की खाली बोतल पड़ी हुई है। सन्त का मन बहुत दिन हुआ वे बहुत दु:खी हुए। उन्होने विचार किया कि ये मनुष्य कितना पतित, तामसिक और विलासी है। दिन निकला नहीं कि प्रात:काल में ही समुद्र देव के निकट शराब का सेवन करके पता नहीं किस स्त्री की गोद में सिर रख कर सोया हुआ है और न जाने क्या-क्या विचार उनके दिमाग में घूमने लगे। थोड़ी देर बाद समुद्र से बचाओ, बचाओ की आवाज आई, सन्त ने देखा एक मनुष्य समुद्र में डूब रहा है, मगर वे स्वयं तैरना नहीं जानते थे। इस कारण वे उसे डूबते देखते रहने के अलावा कुछ नहीं कर सकते थे। तभी उन्होंने देखा कि स्त्री की गोद में सिर रख कर सोया हुआ व्यक्ति उठा और डूबने वाले को बचाने हेतु समुद्र के गहरे पानी में कूद गया। थोड़ी देर में उसने डूबने वाले को बचा लिया और किनारे ले आया। वह फिर से अपनी मां के पास आकर बैठ गया। समुद्र तट ...

36. मोबाइल का फंडा (हास्य) || अथवा || इसे कहते हैं सर्विस (हास्य)

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36. मोबाइल का फंडा (हास्य) अथवा  इसे कहते हैं सर्विस (हास्य) 😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃 एक महिला तेजस ट्रेन में अपने 4 साल के बच्चे के साथ यात्रा कर रही थी कि तभी उस बच्चे को टॉयलेट की लगी और उसने मम्मी से कहा, " मम्मी-मम्मी मुझे टायलेट जाना है।"  मम्मी को उसके साथ टॉयलेट जाना पड़ा। उसकी मम्मी ने उसे टायलेट में बैठाकर दरवाजा बंद कर दिया। उसके कुछ देर बाद मम्मी ने बाहर से ही पूछा, " बेटा ! कितनी देर लगेगी..?" लड़का बोला, "पांच मिनट।" 😎 उसकी मम्मी ने कहा, "ठीक है बेटा ! आराम से कर ले, मैं बाहर ही खड़ी हूं। "  कहकर वह महिला अपने मोबाइल में व्यस्त हो गई।  बच्चा टॉयलेट से जल्दी ही निवृत हो गया और खुद साफ सफाई करके, पैन्ट पहन कर बाहर निकल कर पास में पेंट्रीकार की तरफ जाकर ट्रेन की होस्टेस के साथ खेलने लगा। 😁 अब हुआ ऐसा कि इसी ट्रेन में अपने चड्डा साहब भी पहली बार सफर कर रहे थे और उनको भी टायलेट लगी .. और वो उसी टायलेट में चले गये... चड्डा साहब आराम से हल्के हो रहे थे कि उस बच्चे की मम्मी ने बाहर से दरवाजा खटखटाया और बोली, " अरे ! हो गई हो तो धुलवा कर ...

35. दोस्तों की सलाह (एक कहानी)

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35. दोस्तों की सलाह (एक कहानी) यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है जो दिल्ली के पटपड़गंज के वैस्ट विनोद नगर में घटित हुई। इसके पात्रों के नाम काल्पनिक है। मेरे दोस्त ने जयपुर में अपने पड़ोस में घटी एक घटना को मुझे बताया। तो मुझे भी कुछ वर्ष पूर्व घठित एक घटना याद आ गई जो एक बुजुर्ग ने पार्क में सुनाई थी। उनकी आपबीती ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया था। आइए बताते हैं कि वह घटना क्या थी? भारत में घूमना जहां स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है वही मानसिक ताकत दे प्रदान करता है वहां हमें प्रकृति का सानिध्य नहीं अपने जैसे अनेक दोस्त भी मिलते हैं ऐसा ही हुआ था राम सिंह के साथ। वह अपने दोस्तों के साथ बैठा हंसी ठट्ठा कर रहा था कि तभी एक बुजुर्ग ने उसकी दुखती रग पर हाथ रख दिया। "क्या हरिया ? तुझस भी" कहकर रामसिंह एकदम शांत हो गया । साथ में बैठे बुजुर्ग लोग भी शांत हो गए। अचानक आए इस परिवर्तन ने वही पास बैठे मुझे और मेरी पत्नी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हम दोनों उनकी बात बड़े ध्यान से सुनने लगे। "बुढ़े ! बाल बच्चे कहां हैं?" उसने गढ़वाली भाषा में पूछा था। (मैं यहां उनके शब्दों ...

धन्यवाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन बिजनेस पार्ट-3

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धन्यवाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन बिजनेस पार्ट-3 ऑनलाइन बिजनेस में मनी मैनेजमेंट अगर आप ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ी जानकारी से भरपूर पिछले दोनों संडे के पेज नहीं देख सके थे तो कोई बात नहीं। स्टोरी के तीनों पार्ट आप हमारे इसी फेसबुक पेज पर पढ़ सकते हैं। इन्हें पढ़ने के लिए फेसबुक पेज के सर्च बार में #OnlineBusiness टाइप करें। ये लेख मिल जाएंगे।   नई द‍िल्‍ली 'जस्ट ज़िंदगी' में  पिछले दो अंकों  में हमने इस पेज पर ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ी बहुत सारी बातें बताई हैं। इनमें बिजनेस शुरू करने से लेकर ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने के बारे में बताया गया। इस बार ऑनलाइन पेमंट और उससे जुड़े मुद्दों पर फोकस किया गया है। दरअसल, ऑनलाइन बिजनेस में पेमंट ऑनलाइन लेना भी बहुत जरूरी होता है। एक्सपर्ट्स से बात करके ऑनलाइन पेमंट और बिजनेस से जुड़ी पूरी जानकारी दे रहे हैं राजेश भारती ऑनलाइन बिजनेस में मनी मैनेजमेंट बिजनेस ऑनलाइन तो पेमंट भी ऑनलाइन जरूरी जब आप ऑनलाइन बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो पेमंट भी ऑनलाइन लें। हां, अगर कोई कैश देना चाहे तो वह बात अलग है। अब पेटीएम, फोन पे, गूगल ...

धन्यवाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन बिजनेस पार्ट-1

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ऑनलाइन बिजनेस का मतलब है कि इंटरनेट के जरिए लोगों को घर बैठे चीजें और सेवाएं खरीदने की सुविधा देना। मान लीजिए, अगर किसी को कोई शर्ट या जींस चाहिए, तो वह ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे Flipkart, Amazon आदि से ऑर्डर करता है और कुछ ही दिनों में वह शर्ट या जींस उसके घर डिलिवर हो जाती है। कोरोना की वजह से काफी लोगों की जॉब चली गई है। वहीं जिनकी कोई शॉप आदि है, लॉकडाउन में वह भी बंद रही जिसका असर आमदनी पर पड़ा। हालांकि इस मुश्किल में काफी बिजनेस ऐसे भी रहे जिन पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा। ये बिजनेस ऑनलाइन चले और अब काफी ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। अब काफी लोग ऐसे हैं जो अपना बिजनेस ऑनलाइन करना चाहते हैं। छोटे स्तर पर ऑनलाइन बिजनेस कैसे करें या अपने ऑफलाइन बिजनेस को ऑनलाइन कैसे लाएं, इस बारे में एक्सपर्ट्स से जानकारी लेकर बता रहे हैं  राजेश भारती क्या है ऑनलाइन बिजनेस ऑनलाइन बिजनेस का मतलब है कि इंटरनेट के जरिए लोगों को घर बैठे चीजें और सेवाएं खरीदने की सुविधा देना। मान लीजिए, अगर किसी को कोई शर्ट या जींस चाहिए, तो वह ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे Flipkart, Amazon आदि से ऑर्डर करता है और कुछ ...