एक कहानी
एक कहानी..... जो न जाने कितनों की जान बचा सकती है। जब तक कोविड नहीं हुआ, टीका नहीं लगवाया, दिन भर यहां वहां घूमा। मूर्ख बना रखा है, कोविड तो है ही नहीं, सरकार और पूंजिपतियों का षड़यंत्र है। रिश्तेदारों में गए, शादी विवाह मैं यहां वहां घूमते रहे .... एक दिन बुखार महसूस हुआ तो लगा वायरल है यार, कोविड-वोविड कुछ नहीं, एक पैरासिटामोल ले लेता हूं। बुखार के दूसरे दिन बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटिबायोटिक्स ले लेता हूं, करोना टेस्ट की जरूरत नहीं है, वे लोग जबरदस्ती पॉजिटिव बता रहे हैं यदि मैंने भी टेस्ट कराया तो मुझे भी जबरदस्ती पाज़ीटिव बता देंगे। बुखार के तीसरे दिन बुखार नहीं उतर रहा तो सीटी स्कैन करा लेता हूं, आरटी- पीसीआर की रिपोर्ट तो चार दिन बाद आएगी । ( सीटी का स्कोर पहले दो तीन दिन में 3-4 ही रहता है तो निश्चिंत हो गया कि मैं स्वस्थ हूं।) बुखार के चौथे दिन में भी बुखार है, चलो ब्लड टेस्ट करा लेता हूं ( ब्लड टेस्ट में क्रास रिएक्शन की वजह से फाल्स टायफाइड पाज़िटिव दिख सकता है। यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए जो इन साहब को नहीं मालूम।) जब रिपोर्ट आई तो ओ तेरी...