उन्होंने पर्स नहीं केवल फोन ही मांगा और उन्हें मिल गया।
उन्होंने पर्स नहीं केवल फोन ही मांगा और उन्हें मिल गया। दिनांक 11 व 12 दिसंबर 2021, आठवीं चलो हरी दर्शन तीर्थ यात्रा का पहला चरण हरि की अनुकंपा से अच्छी तरह से संपन्न हो गया। सभी भक्त जन बहुत खुश थे। इस पहले चरण में हम ने मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन किए और दूसरे और अंतिम चरण में दोपहर में हम वृंदावन आ गए। वृंदावन की भूमि पर उतर कर सभी ने मस्तक पर ब्रेड धूली लगा। सभी भक्तजन बहुत खुश थे और बस में ही सभी को बंदरों की शैतानी से आगाह करा दिया गया था इस कारण सभी उनसे पूरी तरह सावधान भी थे। रात 7:00 बजे सभी को सरकारी बस पार्किंग पर एकत्रित होकर भोजन प्रसाद ग्रहण करना था इसलिए अधिकतर भक्तजन 7:00 बजे से पहले ही पार्किंग पहुंच चुके थे। भोजन प्रसाद का वितरण हो रहा था। बस कुछ ही भक्तजनों का आना बाकी था । उनके भोजन प्रसाद पाने के उपरांत हमें सीधे दिल्ली के लिए चल देना था। लेकिन यह क्या ? हमारे एक भक्त बड़े दुखी मन से और भारी पैरों से चलकर आ रहे थे। उनका मन भोजन प्रसादी लेने के लिए भी नहीं हुआ। पता चला कि एक बंदर उनका पर्स लेकर चंपत हो गया। पर्स पाने के सभी प्रयास असफल हो गए। बंदर बहुत तेज ...