काशी विश्वनाथ मंदिर के अविश्वनीय और अकल्पनीय ग्यारह सच
आज हम आपको काशी विश्वनाथ मंदिर के अविश्वनीय और अकल्पनीय ग्यारह सच बतायेगें। 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 मुक्ति जन्म महि जानि ग्यान खान अघ हानि कर। जहँ बस संभु भवानि सो कासी सेइअ कस न ॥ भावार्थ:-जहाँ श्री शिव-पार्वती बसते हैं, उस काशी को मुक्ति की जन्मभूमि, ज्ञान की खान और पापों का नाश करने वाली जानकर उसका सेवन क्यों न किया जाए? वाराणसी में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख काशी विश्वनाथ के दरबार में आस्था का जन सैलाब उमड़ता है। यहां वाम रूप में स्थापित बाबा विश्वनाथ शक्ति की देवी मां भगवती के साथ विराजते हैं। यह अद्भुत है। ऐसा दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता है। 1). काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दो भागों में है। दाहिने भाग में शक्ति के रूप में मां भगवती विराजमान हैं। दूसरी ओर भगवान शिव वाम रूप (सुंदर) रूप में विराजमान हैं। इसीलिए काशी को मुक्ति क्षेत्र कहा जाता है। 2). देवी भगवती के दाहिनी ओर विराजमान होने से मुक्ति का मार्ग केवल काशी में ही खुलता है। यहां मनुष्य को मुक्ति मिलती है और दोबारा गर्भधारण नहीं करना होता है। भगवान शिव खुद यहां तारक मंत्...