तुम्हारे लिए पत्नी क्या है?
तुम्हारे लिए पत्नी क्या है? कल हरिया ने अपनी पत्नी को दारू पीकर बहुत मारा। उसका कसूर इतना था कि उसनेे बच्चों के लिए केवल खाना मांगा था। आज वह शेर बनकर अपने दोस्तों के बीच बैठा हुआ था वहीं पर रामलाल जी बैठा हुआ था बातों बातों में बात बड़ी तो रामलाल पर आकर अटक गई। उस भीड़ में मैं भी मूक बनकर बैठा था। भीड़ में से एक नहीं रामलाल से पूछा "रामलाल तुम अपनी बीबी से इतना क्यों डरते हो? "मैं नहीं जानता तुम्हारे लिए पत्नी किया है लेकिन मेरे लिए तो है ह सब कुछ है। भाई, मै डरता नही भाई उसकी कद्र करता हूँ । उसका सम्मान करता हूँ। जानना चाहोगे। क्यों?" रामलाल ने जवाब दिया जबाव दिया और पलट प्रश्न किया। वह हंसा और बोला-" ऐसा क्या है उसमें, ना सुरत,न सीरत है और ना पढी लिखी।" जबाव मिला-" मुझे कोई फरक नही पडता भाई कि वो कैसी है, पर मुझे उसका रिश्ता दुनिया में सबसे प्यारा लगता है।" "जोरू का गुलाम।" उसके मुँह से निकला। और सभी ठहाका लगाकर हंस पड़े। "और सारे रिश्ते कोई मायने नही रखते तेरे लिये। न मां, न बाप, न भाई, न बहन और न दोस्त।" उसने फिर से रामलाल को ...