365 दिन में 1825 रूपों में दर्शन देते हैं “बाबा महाकाल”
365 दिन में 1825 रूपों में दर्शन देते हैं “बाबा महाकाल” 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🎋🎋🎋🎋🎋🎋🎋🎋🎋🎋🎋 उज्जैन 🚩 विश्व में अकेले राजा महाकाल ही है, जो भक्तों को नित नूतन और अभिनव रूपों में दर्शन देते है। कभी प्राकृतिक रूप में तो कभी राजसी रूप में आभूषण धारण कर लेते है। कभी भांग, कभी चंदन और सूखे मेवे से तो कभी फल और पुष्प से बाबा को श्रृंगारित किया जाता है। राजाधिराज महाकाल अपने भक्तों को 365 दिन में 1825 रूपों में दर्शन देते हैं। दर्शन देने का यह सिलसिला प्रतिदिन भस्मारती से शुरू होकर शयन आरती तक चलता हैं। मंदिर में होने वाली पांच आरतियों में बाबा को अलग– अलग रूप में श्रृंगारित किया जाता है। बारह ज्योर्तिलिंग में से श्री महाकालेश्वर मंदिर विश्व का पहला ऐसा मंदिर है जहां प्रतिदिन पांच आरती होती हैं। मंदिर के 21 पुजारी क्रम अनुसार बाबा को आरती के पहले श्रृंगारित करते हैं। श्री महाकाल पृथ्वी लोक के अधिपति अर्थात राजा है। देश के बारह ज्योतिर्लिंग में महाकाल एक मात्र ऐसे है जिनकी प्रतिष्ठा पूरी पृथ्वी के राजा और मृत्यु के देवता के रूप में की गई। महाकाल का अ...