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शरीर 03 || निद्रा अर्थात नींद

नींद आएगी तो लाएगी सपने सुहाने  हम सपने देखते हैं और सपनों को पूरा होते हुए देखना चाहते हैं लेकिन नींद... अधूरी नींद रहेगी तो सपने पूरे कैसे  होंगे, हम यह नहीं सोचते। एक्सपर्ट कहते हैं कि नींद हमारी सफलता और सेहत से जुड़ी होती है तो इसे नजरअंदाज कैसे कर सकते हैं। पूरा ब्यौरा दे रही हैं रजनी शर्मा पिछले संडे की बात है। मार्केट के कुछ काम निपटाने के लिए घर से निकले कि कार में एफएम पर एक पुराना गाना बजने लगा, 'लड़कपन खेल में खोया, जवानी नींद भर सोया, बुढ़ापा देख कर रोया...' सुनकर मन में सवाल उठा कि अगर आज यह गाना लिखा जाता तो शैलेंद्र ऐसा ही लिखते? ज्यादातर लोग यह कहेंगे कि जवान भी अब नींद भर नहीं सोते हैं। रात को देर तक सोशल मीडिया, टीवी या ओटीटी प्लैटफॉर्म से चिपके रहना या फिर देर तक पढ़ाई ही करना। उनसे बड़ी पीढ़ी की अलग ही दिक्कत है कि नींद आती क्यों नहीं? साहित्यकार हरिशंकर परसाई ने भी लिखा, 'गालिब को भी नींद रात-भर नहीं आती थी। मुझे भी नहीं आती। गालिब परेशान थे कि जब मौत का एक दिन मुअय्यन है तो नींद क्यों रात-भर नहीं आती? मौत की तो चिंता नहीं, फिर कौन-सा डर, कौन-सी चिंता?...