21. गीता कितनी बार पढ़ें? और क्यों पढ़ें?
गीता कितनी बार पढ़ें? और क्यों पढ़ें? नीचे दी गई जानकारी गीता पर विशेष है अगर आप आजमाना चाहते हैं तो ध्यान से और अच्छी प्रकार से गीता के 100 अध्याय में लग जाइए। * गीता पहली बार पढ़ने पर समझ नहीं आती। * गीता दूसरी बार पढ़ने पर कुछ कुछ समझ आती है। * गीता तीसरी बार पढ़ने पर समझ आने लगती है। * गीता चौथी बार पढ़ने पर पूरी समझ आने लगती है। * गीता पांचवी बार पढने पर ज्ञान देने लगती है। * गीता छठी बार पढ़ने पर कर्म के महत्व को समझाती है। * गीता सातवीं बार पड़ने पर घर के सारे क्लेश दूर कर देती है। * गीता आठवीं बार पढ़ने पर सारे विघ्न दूर कर देती है। * गीता नौवीं बार पढ़ने पर पूरे घर को समृद्ध बना देती है। * गीता दसवीं बार पढ़ने पर आपको पूर्ण ज्ञानी बना देती है। * गीता 11 बार पढ़ने पर आपको बहुत बड़ा व्यवसायी बना देती है। * गीता 12वीं बार पढने पर आपको कृष्ण के समान चतुर बना देती है। * गीता 13वीं बार पढ़ने पर आपको एक कुशल वक्ता बना देती है। * गीता 14वीं बार पढ़ने पर आपको ब्राह्मण शूद्र और वैश्य और छत्रिय से ऊपर उठा देती है। * गीता 15 वीं बार पढ़नें पर आपको कृष्ण बना देती है। * गीता 16 ...