*मेरी यह पोस्ट उन तमाम बहनों के लिए है जिन्हें लगता है कि मां बाप के जाने के बाद अब मायके में कुछ नहीं बचा। आपका आपको प्यार करने वाला भाई अब* *आपसे कुछ ये कह रहा है 😘* *मार्मिक ,संवेदनशील प्रेम से भीगा भाइयों का आग्रह ❤️* *नहीं रही माँ!* *तो मत संशय में आ जाना तुम* *माँ सा लाड़ करूँगा* *बहना मैके में आना तुम* *स्वागत करती तख्ती जैसा जड़ा मिलूंगा मैं* *फूलों जैसा तुम्हें राह में पड़ा मिलूंगा बहना मैं* *मुख्य द्वार पर बैठी माँ ज्यूं रस्ता तका करती थी* *लगा टकटकी उसी द्वार पर खड़ा मिलूंगा बहना मैं* *जैसे माँ से मिलती रहीं, मुझे भी गले लगाना तुम* *माँ सा लाड़ करूँगा बहना, मैके जरूर आना तुम* *सिर्फ अकेली! या फिर* *बच्चों को लाओगी तुम* *राखी के कितने दिन पहले आ जाओगी तुम* *कितने दिन अब और बचे हैं हर दिन पूछूंगा* *माँ के जैसा ही बैचेन मुझे पाओगी तुम* *कौन गाँव तक पहुँची* *करके फोन बताना तुम* *माँ सा लाड़ करूँगा* *बहना मैके आना तुम* *तुम्हें लगाने क...
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Showing posts from July, 2022
बुजुर्गों ने कहीं और हमने मानी, जानकारी
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*" बुजुर्गों ने कहीं और हमने मानी, जानकारी"* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ *1. जहां घोड़े पी रहे हैं वहीं पानी पिएं क्योंकि वे कभी भी दूषित पानी नहीं पीएंगे।* *2. अपना बिस्तर वहीं लगाएं जहां बिल्ली सोती है,क्योंकि उसे शांति पसंद है।* *3. जिस भी फल को कीड़े ने छुआ है लेकिन उसमें घुसा नहीं है वह खाएं,कीड़ा हमेशा पके फल की तलाश में रहता है।* *4. जहाँ छछूँदर खोदे, वहाँ अपना पेड़ लगाओ, क्योंकि वह उपजाऊ भूमि है।* * 5. अपना घर बनाओ वहां जहाँ साँप अपने आप को गर्म करने के लिए बैठता है, क्योंकि वह स्थिर भूमि है जो गिरती नहीं है।* *6. उस जगह पर पानी को खोजने के लिए खुदाई करें जहां पक्षी गर्मी से छिपते हैं। पक्षी जहां भी खड़े होते हैं, पानी वहाँ छिपा होता है।* *7. सो जाओ पक्षियों के कलरव के साथ और पक्षियों के साथ जागो - यह सफलता की खोज है।* *8. सब्जियां ज्यादा खाएं-आपके पास मजबूत पैर और जंगल के जानवरों की तरह प्रतिरोधी दिल होगा।* *9. जब भी आपको समय मिले तैरें तब आपको ऐसा लगेगा जैसे आप पानी में मछली की तरह जमीन पर हैं।* *10. जितना हो सके आकाश की ओर देखें आपके विचार शुद्ध,उज्ज्वल और नीति और निर्णय स...
हनुमान चालीसा हिंदी अनुवाद के साथ
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*हनुमान चालीसा हिंदी अनुवाद के साथ* 😊🙏🏻🚩 *श्रीगुरु चरन सरोज रज* मेरे गुरु/अभिभावक के चरणकमलों में *निज मन मुकुर सुधारि।* मैं अपने दिल के दर्पण को शुद्ध करता हूँ *बरनउँ रघुबर बिमल जसु* मैं बेदाग राम की कहानी का वर्णन करता हूं *जो दायकु फल चारि॥* जो चार फल देते है (4 पुरुषार्थ: इच्छा, समृद्धि, धार्मिकता, मुक्ति) *बुद्धिहीन तनु जानिकै* खुद को कमजोर और नासमझ समझकर *सुमिरौं पवनकुमार।* मैं पवन पुत्र (हनुमान) का चिंतन करता हूं *बल बुद्धिविद्या देहु मोहिं* शक्ति, ज्ञान और सभ्यता प्रदान करने के लिए *हरहु कलेश विकार ॥* और जीवन के सभी दुखों को दूर करने के लिए। *जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।* मैं ज्ञान और गुणों के गहरे समुद्र, भगवान हनुमान की महिमा करता हूं *जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥* मैं बंदर आदमी "वानर" की महिमा करता हूं, जो तीनों लोकों (पृथ्वी, वातावरण और परे) को रोशन करते है। *राम दूत अतुलित बल धामा।* मैं भगवान राम के वफादार दूत की महिमा करता हूं, *अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥* जिसे अंजन...
इन्सान कभी मौसम नही होता, फिर भी, मैरे यार उसे बदलते देखा है!
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इन्सान कभी मौसम नही होता, फिर भी, मैरे यार उसे बदलते देखा है! कभी-कभी ऐसा क्या हो जाता है? हम चाहते कुछ और और हो कुछ और ही जाता है हम जानते हैं कि आँखे तालाब नहीं होती, फिर भी, मैरे यार इन्हें भरते देखा है! किस्मत दोस्त नहीं होती, फिर भी, मैरे यार इसे भी रुठते देखा है! हम जानते हैं कि आत्मसम्मान शरीर का अंग नहीं है, फिर भी, मैरे यार इसे घायल होते देखा है! होठ कोई कपड़ा नही होते, फिर भी, मैरे यार इन्हें भी सिलते देखा है! हम जानते हैं कि दुश्मनी बीज नही होती, फिर भी, मैरे यार इसे भी बोते देखा है! और इन्सान कभी मौसम नही होता, फिर भी, मैरे यार उसे बदलते देखा है! लेखक ॐ जितेन्द्र सिंह तोमर
सास को दिया मोबाइल
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🔴🌙 बहू ने सास को दिया मोबाइल, आखिर क्यों हुई मेहरबान.. नए जमाने की बहू ने सास को उनके जन्मदिन पर गिफ्ट में मोबाइल लाकर दिया और वो भी स्मार्ट फ़ोन बहु ने अपने सारे काम काज छोडक़र सास की सहेलियों और सारे परिचितों के नंबर सेव कर दिये । सोने पे सुहागा फिर उसमें व्हाट्सएप्प भी डाउनलोड कर दिया । भजन और गाने भी लोड कर दिये अब सुनिये इस मेहनत का फायदा जो हुआ: अब सासु मां का ध्यान घर में कम मोबाइल पर ज्यादा रहता है अब वो बेटा बहू की बातें सुनने की जगह, मोबाइल की घंटी पर कन्सनट्रेट करती हैं.. अपने बोलने की सारी एनर्जी मोबाइल पर गंवा देती हैं । व्हाट्सएप्प नें तो उसकी सारी ताक़त अपने पास खींच ली है । और बहू क्या कर रही है ये तक भुला देती हैं.. इधर-उधर बातें करने में घंटो बिता देती है, फिर दिन भर सासू माँ और उनका व्हाट्सएप्प उसी में लीन हो जाती है । पढ़ती है मुस्कुराती है । रात को भजन और गानें इधर बहू किचन में मनचाहा बनाकर कब खा लेती है सासु मां अब इस बात पर ध्यान कम देती है.. इससे पहल...
खाटू श्याम यात्रा
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खाटू श्याम यात्रा सुंदर सजा दरबार खाटू श्याम का भक्तो। डंका बजे दुनिया में श्याम नाम का भक्तो। (१) हम यात्रा गाते हैं घाटू श्याम की भक्तों जय बोल के शुरू करेंगे श्याम की भक्तों गाते हैं जिनकी वंदना सुर और मुनि जन श्रेष्ठ है कलयुग में श्याम नाम का वंदन बिगड़ी हुई तकदीर सवरती है धाम पे होती सुबह शुरू यहां श्याम नाम से जग में है ऊंची श्याम खाटू श्याम की भक्तों जय गूंजती यहां पर श्याम नाम की भक्तों मिलती नहीं जग में कहीं ऐसी मिसाल है बाबा का बेमिसाल यहां पे कमाल है आओ करें यात्रा श्री श्याम नाम ले भली करेंगे श्याम की जी का हाथ थाम ले। पावन है धाम चल रहे धाम चल रे चल खाटू श्याम चले सुंदर सजा दरबार खाटू श्याम का भक्तो। डंका बजे दुनिया में श्याम नाम का भक्तो। (२) दुखड़े सदा हर ले जो श्याम नाम है ऐसा बिगड़ी को दे सवार श्याम धाम है ऐसा जप श्याम श्याम श्याम श्याम श्याम नाम को चल खाटू धाम धाम धाम धाम खाटू धाम को शीश के दानी दयालु श्याम है मेरे पूरण करेंगे श्याम जी हर काम को तेरे ऐसे दयालु दानी जग म...
कान की आत्मकथा
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*👂 कान की आत्मकथा👂* *एक बार आवश्य पढ़े... मन में गुदगुदी होने लगेगी...😊* *मैं कान हूँ........👂* *हम दो हैं...*👂👂 *दोनों जुड़वां भाई...* लेकिन........... हमारी किस्मत ही ऐसी है.... *कि आज तक हमने एक दूसरे को देखा तक नहीं 😪* पता नहीं.. *कौन से श्राप के कारण हमें विपरित दिशा में चिपका कर भेजा गया है 😠...* दु:ख सिर्फ इतना ही नहीं है... *हमें जिम्मेदारी सिर्फ सुनने की मिली है......* *गालियाँ हों या तालियाँ..,* *अच्छा हो या बुरा..*, सब *हम ही सुनते हैं...* *धीरे धीरे हमें खूंटी समझा जाने लगा...* *चश्मे का बोझ डाला गया,* फ्रेम की डण्डी को हम पर फँसाया गया... ये दर्द सहा हमने... क्यों भाई..??? *चश्मे का मामला आंखो का है* *तो हमें बीच में घसीटने का* *मतलब क्या है...???* हम बोलते नहीं तो क्या हुआ, सुनते तो हैं ना... *हर जगह बोलने वाले ही क्यों आगे रहते है....???* बचपन में पढ़ाई में किसी का दिमाग काम न करे तो *मास्टर जी हमें ही मरोड़ते हैं 😡...* जवान हुए तो *आदमी,औरतें सबने सुन्दर सुन्दर लौंग,बालियाँ, झुमके आदि बनवाकर ह...
ग्वारीघाट, जबलपुर मध्य प्रदेश।
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ग्वारीघाट, जबलपुर मध्य प्रदेश। ग्वारीघाट का इतिहास, महत्व एवं कहानी | GWARIGHAT HISTORY AND STORY ग्वारीघाट (Gwarighat) एक ऐसी खूबसूरत जगह है जहां पर आपको नर्मदा नदी के अनेक घाट एवं भाक्तिमय वातवरण देखने मिल जाएगा। ग्वारीघाट (Gwarighat) एक बहुत अच्छी जगह है गौरी घाट में घाटों की एक श्रंखला है। ग्वारीघाट (Gwarighat) में आके आपको बहुत शांती एवं सुकून मिलता है। आप यहां पर नर्मदा मैया के दर्शन कर सकते है, उन्हें प्रसाद चढा सकते है। ग्वारीघाट (Gwarighat) में सूर्यास्त का नजारा भी बहुत मस्त होता है। ग्वारीघाट (Gwarighat) कैसे पहुंचे ग्वारीघाट (Gwarighat) जबलपुर जिले में स्थित है। जबलपुर जिला मध्य प्रदेश में स्थित है जबलपुर जिले को संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर से नर्मदा नदी बहती है। ग्वारीघाट (Gwarighat) नर्मदा नदी पर स्थित है। ग्वारीघाट एक अद्भुत जगह है, जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ग्वारीघाट (Gwarighat) पहुंचने के लिए आप मेट्रो बस और ऑटो का प्रयोग कर सकते हैं। आपको ग्वारीघाट (Gwarighat) पहुंचने के लिए जबलपुर जिले के किसी भी हिस्से से बस या ऑटो ...
अनोखा विवाह
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शादी की बातें होगी शादी में लड़के को एक मोटरसाइकिल या उसके पैसे देने थे परंतु लड़के को लालच आ गया उसने शादी से 10 दिन पहले गाड़ी या उसके पैसों के लिए जैसे हम तभी तो देने में को तैयार हो गए लेकिन दादा ने किया पोती देने से मना कर दिया यदि मेरी बात नहीं मानी गई तो मैं आत्महत्या कर लूंगा तभी किसी की बात हमारे पड़ोसी से भी और एकदम सारी बात तेरे जेल में मात्र 4 दिन के अंदर अंदर उस लड़की से शादी करनी पड़ी आज लड़की घर में बहुत खुश है और पूरा घर भी।
अंतिम पत्र
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माता पिता और मृत्यु पर विशेष पत्र हमारे भारतीय समाज के अंदर आजकल अक्सर यह देखा जा रहा है कि जो अभिभावक अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अपना कीमती समय के साथ साथ तन मन धन सब न्योछावर कर पूरा जीवन लगा देते हैं लेकिन जब वही बच्चे माता पिता की मृत्यु के समय भी नहीं पहुंचते तो फिर उनकी उच्च शिक्षा पाने और अच्छी सर्विस होने के बावजूद यदि सामाजिक सरोकारों से उनका कोई लेना देना नहीं है तो फिर इस शिक्षा से से बदतर और कोई शिक्षा नहीं हो सकती है? यह घटना पिछले वर्ष लखनऊ में घटी थी और यह घटनाएं मुझे बार-बार इसलिए याद आती है क्योंकि यह घटना हमारे भारतीय सैन्य अधिकारी सेवानिवृत्त एक कर्नल साहब के परिवार से संबंधित है ! पूरा घटना का विवरण आप स्वयं आगे पढ़ें? उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक उच्चवर्गीय बूढ़े पिता ने अपने पुत्रों के नाम एक चिट्ठी लिखकर खुद को गोली मार ली। चिट्टी क्यों लिखी और क्या लिखा। यह जानने से पहले संक्षेप में चिट्टी लिखने की पृष्ठभूमि जान लेना जरूरी है। पिता सेना में कर्नल के पद से रिटार्यड हुए । वे लखनऊ के एक पॉश कॉलोनी में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो...
अदभुत चूडामणि रामचरितमानस में वर्णित, रहस्यमई “चूडामणि” का रहस्य !
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अदभुत चूडामणि रामचरितमानस में वर्णित, रहस्यमई “चूडामणि” का रहस्य ! आज हम रामायण में वर्णित चूडामणि की कथा बता रहे है। इस कथा में आप जानेंगे की- कहाँ से आई चूडा मणि ? किसने दी सीता जी को चूडामणि ? क्यों दिया लंका में हनुमानजी को सीता जी ने चूडामणि ? कैसे हुआ वैष्णो माता का जन्म? पूँछ बुझाइ खोइ श्रम धरि लघु रूप बहोरि। जनकसुता कें आगें ठाढ़ भयउ कर जोरि॥ भावार्थ:-पूँछ बुझाकर, थकावट दूर करके और फिर छोटा सा रूप धारण कर हनुमान्जी श्री जानकीजी के सामने हाथ जोड़कर जा खड़े हुए॥ * मातु मोहि दीजे कछु चीन्हा। जैसें रघुनायक मोहि दीन्हा॥ चूड़ामनि उतारि तब दयऊ। हरष समेत पवनसुत लयऊ॥ भावार्थ:-(हनुमान्जी ने कहा-) हे माता! मुझे कोई चिह्न (पहचान) दीजिए, जैसे श्री रघुनाथजी ने मुझे दिया था। तब सीताजी ने चूड़ामणि उतारकर दी। हनुमान्जी ने उसको हर्षपूर्वक ले लिया॥ चूडामणि कहाँ से आई? सागर मंथन से चौदह रत्न निकले, उसी समय सागर से दो देवियों का जन्म हुआ – १– रत्नाकर नन्दिनी २– महालक्ष्मी रत्नाकर नन्दिनी ने अपना तन मन श्री हरि ( विष्णु जी ) को देखते ही समर्पित कर दिया ! जब उनसे मिलने के लिए आगे बढीं ...