जगन्नाथ यात्रा : 5 दीपों से करें भगवान की आरती, पीले पुष्प जरूर करें अर्पित
जगन्नाथ यात्रा : 5 दीपों से करें भगवान की आरती, पीले पुष्प जरूर करें अर्पित हर साल ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है। इस साल इस रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत 1 जुलाई, शुक्रवार से होगी। इस यात्रा में शामिल होने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं और भगवान का रथ खींचने का सौभाग्य पाते हैं। लेकिन यदि आप भगवान जगन्नाथ की यात्रा में शामिल होने में असमर्थ हैं, तो घर पर रहकर भी इस यात्रा पूजा का फल और भगवान का आशीर्वाद पा सकते हैं। यात्रा का महत्व हिंदू धर्म में जगन्नाथ पुरी को मुक्ति का द्वार भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस रथ यात्रा में शामिल होने से व्यक्ति के समस्त कष्टों का निवारण होता है। साथ ही इस यात्रा में शामिल होने वाले को मोक्ष प्राप्त होता है। पुराणों के अनुसार, आषाढ़ मास में पुरी तीर्थ में स्नान करने से सभी तीर्थों के दर्शन करने के तुल्य ही पुण्य मिलता है। भगवान जाते हैं मौसी के घर हर साल आषाढ़ शुक्ल द्वितीय तिथि को भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर जाते हैं। इस दौरान उनके बड़े भाई बलराम और छोटी बहन सुभद्रा भी उनके साथ अलग-अलग रथों पर सवार होकर जाते हैं। गुंडीचा म...