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*किसे कहते हैं सोला का भोजन?

*किसे कहते हैं सोला का भोजन? 〰️〰️🌼〰️🌼🌼〰️🌼〰️〰️ स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क दोनों ही के लिये शुद्ध आहार बहुत आवश्यक है। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क विद्यमान होता है। प्रायः देखने में आता है कि जिस व्यक्ति का जैसा आहार होता है, उसके विचार भी उसी प्रकार के होते हैं। शुद्ध आहार लेने वालों के विचार भी शुद्ध होते हैं और दूषित एवं अशुद्ध भोजन करने वालों के विचार भी दूषित होते हैं। जितने भी महापुरूष, संन्यासी, महात्मा, साधु, ऋषि, महाराज हैं, वे सभी शुद्ध एवं संयमित भोजन करते हैं। इसलिये उनके विचार उनकी सोच और उनके मुँह से निकले हुए शब्द भी उसी प्रकार शुद्ध, नपे-तुले संतुलित एवं शिक्षा प्रदान करने वाले होते हैं। आहार, विचार एवं स्वास्थ्य ये तीनों ही एक माला के दमकते मोती हैं। सभी एक दूसरे के पूरक हैं और एक-दूसरे पर आधारित हैं। अशुद्ध आहार से विचार भी अशुद्ध होते हैं और हमारा स्वास्थ्य भी।" सूर्यास्त के पूर्व भोजन क्यों 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ कीटाणु और रोगाणु जिन्हें हम सीधे तौर पर देख नहीं सकते वे सूक्ष्म जीव रात्रि में तेजी से फ़ैल जाते हैं। ऐसे में सूर्यास्त के बाद खाने से वे सी...