काल भैरव मंदिर, उज्जैन: एक रहस्यमयी दिव्य तीर्थ
बिलकुल! उज्जैन स्थित काल भैरव मंदिर एक रहस्यमय, शक्तिशाली और आस्था से परिपूर्ण स्थल है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए इस मंदिर की यूनिक और गहराई वाली जानकारी को क्रमबद्ध रूप से जानें: 🛕 काल भैरव मंदिर, उज्जैन: एक रहस्यमयी दिव्य तीर्थ 📜 इतिहास व निर्माण : मंदिर की उत्पत्ति प्राचीन काल से मानी जाती है, इसका प्राचीन मूल मंदिर बद्रसेन राजा ने बनवाया था, जो अवंतिक खण्ड (स्कन्द पुराण) में वर्णित है। मंदिर में 9वीं-13वीं सदी के दौरान निर्मित शिव, विष्णु, पार्वती, गणेश की मूर्तियाँ मिली हैं। वर्तमान में दिखाई देने वाला स्ट्रक्चर मराठा वास्तुकला में है, जिसे 1761 के पानिपत की तीसरी लड़ाई के बाद महादजी शिंदे ने पुनर्निर्मित करवाया था। इस तरह इसका वर्तमान स्वरूप मालवा के मराठा शासक महादजी शिंदे द्वारा लगभग 18वीं शताब्दी में बनवाया गया था। उनके पगड़ी अर्पण की परंपरा आज भी बनी हुई है। यह मंदिर उज्जैन शहर से लगभग 8 किमी दूर, शिप्रा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर उज्जैन के कोटितीर्थ क्षेत्र में स्थित है और इसे भैरव तांत्रिक ...