स्कन्दपुराणोक्त बर्बरिकजी (श्री श्याम देव) स्त्रोत्र
!! स्कन्दपुराणोक्त बर्बरिकजी (श्री श्याम देव) स्त्रोत्र !! श्री वेद व्यासजी द्वारा विरचित इस स्त्रोत्र को आस्था और विश्वास के साथ पाठ (जप-तप के नियमों को पालन करते हुए) वर्णित विधि से करने पर श्री बर्बरीकजी(श्री खाटू श्यामजी) की कृपा मिलती है : जय जय चतुरशितिकोटिपरिवार सुर्यवर्चाभिधान यक्षराज जय भूभारहरणप्रवृत लघुशापप्राप्त नैऋतयोनिसम्भव जय कामकटंकटाकुक्षि राजहंस जय घटोत्कचानन्दवर्धन बर्बरीकाभिधान जय कृष्णोपदिष्ट श्रीगुप्तक्षेत्रदेवीसमाराधन प्राप्तातुलवीर्यं जय विजयसिद्धिदायक जय पिंगल रेपलेंद्र दुहद्रुहा नवकोटीश्वर पलाशिदावानल जय भुपालान्तराले नागकन्या परिहारक जय श्रीभीममानमर्दन जय सकलकौरवसेनावधमुहूर्तप्रवृत जय श्रीकृष्ण वरलब्धसर्ववरप्रदानसामर्थ्य जय जय कलिकालवन्दित नमो नमस्ते पाहि पाहिती !! स्कन्दपुराण, कौ. ख. ६६.११५ !! !! उपरोक्त स्त्रोत्र का हिंदी भावार्थ !! "हे! चौरासी कोटि परिवार वाले सूर्यवर्चस नाम के धनाध्यक्ष भगवन्! आपकी जय हो, जय हो..." "हे! पृथ्वी के भार को हटाने में उत्साही, तथा थोड़े से शाप पाने के कारण राक्षस नाम की देवयोनि में जन्म लेने वाले भगवन्! आपकी...