मां बनने के सफर पर?
मां बनने के सफर पर ? एक महिला से मां बनने तक का सफर कुछ अलग-सा होता है। नए तरह का अनुभव तो मिलता ही है, पर सेहत से जुड़ी तमाम तरह की चुनौतियां भी उभर जाती हैं। आज मदर्स डे पर लोकेश के. भारती ने देश के बेहतरीन एक्सपर्ट्स से प्रेग्नेंसी कंसीव करने से लेकर, डिलिवरी की प्रक्रिया कौन-सी बेहतर है- नॉर्मल या सिजेरियन और उसके बाद की चुनौतियों के बारे में विस्तार से बात की, ताकि मां बनने के सफर पर चलने से पहले तैयारी पूरी हो: मदर्स डे स्पेशल शरीर में जरा-सा बदलाव भी लोगों को परेशान करने लगता है। यहां तो चुनौती प्रेग्नेंट होने से जो शुरू होती है, डिलिवरी होने और फिर उसके बाद तक बनी रहती है। इसलिए जब भी प्रेग्नेंसी कंसीव करने की तैयारी हो, पूरी हो। आधी-अधूरी तैयारी हमेशा समस्या खड़ी करती है। यह तैयारी मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर होनी चाहिए। बच्चा कब चाहिए, यह सवाल हमेशा ही प्लैनिंग करते समय खुद से पूछना अहम होता है। वहीं गर्भ में पलने वाले बच्चे को बेहतर पोषण मिल सके, इसके लिए यह जरूरी है कि सही उम्र में प्रेग्नेंसी कंसीव की जाए। इनके अलावा मां और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए आइरन समेत...