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Showing posts from September, 2022

यादें पुरानी २

पहले *भटूरे* को फुलाने के लिये उसमें *ENO* डालिये फिर *भटूरे* से फूले पेट को पिचकाने के लिये *ENO* पीजिये  *जीवन के कुछ गूढ़ रहस्य आप कभी नहीं समझ पायेंगे* *पांचवीं* तक *स्लेट* की बत्ती को *जीभ* से चाटकर *कैल्शियम* की कमी पूरी करना हमारी स्थाई आदत थी *लेकिन* इसमें *पापबोध* भी था कि कहीं *विद्यामाता* नाराज न हो जायें ...!!!☺️ *पढ़ाई* का *तनाव* हमने *पेन्सिल* का पिछला हिस्सा चबाकर मिटाया था ...!!!😀 *पुस्तक* के बीच *पौधे की पत्ती* और *मोरपंख* रखने से हम *होशियार* हो जाएंगे ... ऐसा हमारा *दृढ विश्वास* था😀 *कपड़े* के *थैले* में *किताब-कॉपियां* जमाने का *विन्यास* हमारा *रचनात्मक कौशल* होता  था ...!!!☺️🙏🏻 हर साल जब नई *कक्षा* के *बस्ते बंधते* तब *कॉपी किताबों* पर *जिल्द* चढ़ाना हम जीवन का *वार्षिक उत्सव* मानते थे ...!!!☺️ *माता - पिता* को हमारी *पढ़ाई* की कोई *फ़िक्र* नहीं थी, न हमारी *पढ़ाई* उनकी *जेब* पर *बोझा* थी ...☺️💕 *सालों साल* बीत जाते पर *माता - पिता* के *कदम* हमारे *स्कूल* में न पड़ते थे ...!!!😀 एक *दोस्त* को *साईकिल* के बीच वाले *डंडे* पर और *दूसरे* को *पीछे कैरियर* पर *बिठ...

देवशयनी एकादशी से शुरू चातुर्मास

देवशयनी एकादशी से शुरू चातुर्मास चातुर्मास के दौरान विवाह, मुंडन, जनेऊ संस्कार, विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। क्योंकि ये सभी कार्य शुभ मुहूर्त और तिथि पर किए जाते हैं। लेकिन भगवान विष्णु के शयन मुद्रा में जाने के कारण कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। चातुर्मास में तप, साधना और उपवास रखने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास शुरू हो जाता है। इस बार यह तिथि 10 जुलाई यानी आज है। आषाढ़ मास की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से 4 महीने तक भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। मान्यता है कि चातुर्मास में तप, साधना और उपवास रखने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है। चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल की एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तक चलता है। चातुर्मास की शुरुआत देवशयनी एकादशी से शुरू होती है और अंत देवोत्थान एकादशी पर होता है। 4 महीने की अवधि में श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास लगते हैं। आइए जानते हैं चातुर्मास में ऐसे कौन कार्य हैं, जिनको करने से शुभ फल मिलता है। साथ ही ऐसे कौन ...

समयानुसार बदलता गया B F का मतलब*

*समयानुसार बदलता गया B F का मतलब* एक नन्हें लड़के ने, नन्ही लड़की से कहा! - I'm your BF! मैं तुम्हारा BF हूँ -लड़की ने पूछा - - What is BF  ? लड़का हंसा और बोला... - यानी Best Friend. बेहद अच्छा दोस्त। कुछ समय बीता, वह नौजवान हो गया, और लङकी बेहद सुंदर, उस ने लड़की से फिर कहा: - I am your BF!! -लड़की शर्माती सी उसके कंधे पर झुकी और आहिस्ता से पूछा, अब: - - What is BF? लड़का बोला: - यानी पुरुष मित्र Boy Friend  कुछ वर्ष बीते उन्होंने शादी कर ली, उनको प्यारे प्यारे बच्चे हुए, पति मुस्कराया और अपनी पत्नी से बोला: - I am your BF! - पत्नी मुस्कराकर पति से बोली: - - What is BF ?  अब  BF यानी क्या पति पुनः मुस्कराया और बच्चों की ओर निहारकर बोल पड़ा: - आपके बच्चों का पिता Baby's father ! समय गुज़रे दोनों बुड्ढे हो गए, वो साथ बैठे, डूबते सूरज की ओर देख रहे थे, आंगन में , बुज़र्ग ने फिर दोहराया: - मेरी प्रिय I am your BF! - बुज़र्ग महिला हंस पड़ी, अपने झुर्रियों वाले चेहरे के साथ: - - What is BF? अब BF यानी क्या? बुड्ढा ख़ुशी से हँसा और रहस्यमयी आवाज़ में बोल पड़ा: - Be Forever!  सदा एक...

सुविचार 1

कुछ चीज पाना है तो पहले देना शुरू कर दो,💞 आना खुद शुरू हो जाएगा, इज्जत भी दौलत भी स्नेह भी💞श *"घमंड की बीमारी* *'शराब' जैसी है साहब,* *खुद को छोड़कर सबको पता चलता है कि  इसको चढ़ गयी है...!!"*       दुध, दही, छाछ माखन, घी* *सब एक ही कुल के हो कर भी* *सबकी कीमत अलग अलग है*               *क्योंकि*  *"श्रेष्ठता" जन्म से नही,* *बल्कि अपने कर्म,अपनी*  *कला, और अपने गुणोंं से प्राप्त होती है!!* *शांत और सरल होना किसी की नज़र में बेवकूफ़ी तो किसी की नज़र में बड़ा गुण..........है*     *लोग कीचड़ से इसलिए बचकर चलते हैं कि कहीं कपड़े खराब न हो जाये,,,* *और,,,,,,* *और कीचड़ इस घमण्ड में चूर  रहता है कि लोग उससे डरते है* *बच के रहना ऐसे लोगों से मेरे दोस्तों,                                        जिनके दिल में भी एक दिमाग रहता है।* " शिक्षक " बनना अत्यंत भाग्यवान को ही नसीब होता है।  विचार करें। 1) डाॅक्टर के पास कोई...

चौसठ योगिनी मंदिर के बारे में 25 अद्भुत जानकारियां

एक मंदिर जिसे ध्वस्त करने आए औरंगजेब को गर्भगृह से भागना पड़ा था, जिसके लिए नर्मदा ने बदली अपनी दिशा चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट, जबलपुर माँ नर्मदा की गोद में बसे मध्य प्रदेश के जबलपुर में कई ऐसे मंदिर हैं जिनके इतिहास की चर्चा करना बहुत कठिन है। इनमें से ऐसा ही एक मंदिर नर्मदा तट पर स्थित भेड़ाघाट से थोड़ी दूर पर 70 फुट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है, जिसका नाम है चौसठ योगिनी मंदिर।  भेड़ाघाट, जबलपुर का चौसठ योगिनी मंदिर लगभग 12 सौ वर्ष पुराना है। आज हम इसी मंदिर का वर्णन आपसे करने जा रहे हैं। चौंसठ योगिनी मंदिर जबलपुर की ऐतिहासिक संपन्नता में एक और अध्याय जोड़ता है। आप जब भी चौसठ योगिनी मंदिर को देखने आएंगे तो आपको गौरी शंकर मंदिर मुफ्त में देखने को मिलेगा। यह गौरी शंकर मंदिर, चौसठ योगिनी मंदिर प्रांगण के बीचो-बीच स्थापित है। यह मंदिर भारतवर्ष में पाए जाने वाले अन्य सभी 64 योगिनी मंदिरों से इसे बिल्कुल भिन्न बनाता है। चौसठ योगिनी मंदिर एक विशाल परिसर में फैला हुआ है और इसके हर कोने से इसकी भव्यता झलकती है। अगर आप जबलपुर जा रहे हैं तो यह मंदिर जरूर देखें।  1. क्यों कहते हैं इसे चौसठ योगिन...

प्राचीन समय भारत मे कभी छुआछुत रहा ही नहीं,

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प्राचीन समय भारत मे कभी छुआछुत रहा ही नहीं, और ना ही कभी जातियाँ भेदभाव का कारण होती थी। चलिए हजारो साल पुराना इतिहास पढ़ते हैं।  सम्राट शांतनु ने विवाह किया एक मछवारे की पुत्री सत्यवती से।उनका बेटा ही राजा बने इसलिए भीष्म ने विवाह न करके,आजीवन संतानहीन रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की। सत्यवती के बेटे बाद में क्षत्रिय बन गए, जिनके लिए भीष्म आजीवन अविवाहित रहे, क्या उनका शोषण होता होगा? महाभारत लिखने वाले वेद व्यास भी मछवारे थे, पर महर्षि बन गए, गुरुकुल चलाते थे वो। विदुर, जिन्हें महा पंडित कहा जाता है वो एक दासी के पुत्र थे, हस्तिनापुर के महामंत्री बने, उनकी लिखी हुई विदुर नीति, राजनीति का एक महाग्रन्थ है। भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया। श्री कृष्ण दूध का व्यवसाय करने वालों के परिवार से थे,  उनके भाई बलराम खेती करते थे, हमेशा हल साथ रखते थे। यादव क्षत्रिय रहे हैं, कई प्रान्तों पर शासन किया और श्री कृष्ण सबके पूजनीय हैं, गीता जैसा ग्रन्थ विश्व को दिया। राम के साथ वनवासी निषादराज गुरुकुल में पढ़ते थे। उनके पुत्र लव कुश महर्षि वाल्मीकि के गुरुकुल में पढ़े जो वनवासी थे तो ये हो गयी ...

चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट जबलपुर

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गौरी शंकर मंदिर चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट जबलपुर  चौसठ योगिनी मंदिर एक मंदिर जिसे ध्वस्त करने आए औरंगजेब को गर्भगृह से भागना पड़ा था, जिसके लिए नर्मदा ने बदली अपनी दिशा चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट, जबलपुर चौसठ योगिनी मंदिर एक वृत्ताकार मंदिर है। इसमें चौसठ जोगणिया विराजमान है इसलिए इस मंदिर को चौसठ योगिनी मंदिर कहते हैं। इसका बाहरी व्यास 130 मीटर तथा आंतरिक व्यास 116 मीटर है।   इसमें दो प्रवेश द्वार है। बलुआ एवं ग्रेनाईट पत्थरों से निर्मित इस मंदिर की योजना और बनावट बहुत ही अनूठी है। इसमें 64 योगिनियों व अन्य देवताओं प्रतिमाऐं है।  प्रतिमाओं पर 10 वीं शती ई. की लिपि में देवियों के नाम खुदे हैं। जो संस्कृत ग्रंथों से प्रायः भिन्न भिन्न नाम है। प्रतीत होता है कि 10 वीं शती ई. में यह खुली छत का मंदिर था तथा बाद में इस मंदिर की छत बनाई। यहाँ पर एक प्रतिमा कुषाणकाल (दूसरी शती ई.) की ओर बलुआ पत्थर की प्रतिमा भी है। जिससे ज्ञान होता है, कि यहाँ और भी प्राचीन मंदिर रहे होंगे लगभग आठवीं शती ई. की भी  चौसठ योगिनियों के आँगन में स्थित गौरीशंकर के मंदिर का निर्माण...