सुविचार 1
कुछ चीज पाना है तो पहले देना शुरू कर दो,💞
आना खुद शुरू हो जाएगा,
इज्जत भी दौलत भी स्नेह भी💞श
*"घमंड की बीमारी*
*'शराब' जैसी है साहब,*
*खुद को छोड़कर सबको पता चलता है कि इसको चढ़ गयी है...!!"*
दुध, दही, छाछ माखन, घी*
*सब एक ही कुल के हो कर भी*
*सबकी कीमत अलग अलग है*
*क्योंकि*
*"श्रेष्ठता" जन्म से नही,* *बल्कि अपने कर्म,अपनी* *कला, और अपने गुणोंं से प्राप्त होती है!!*
*शांत और सरल होना किसी की नज़र में बेवकूफ़ी तो किसी की नज़र में बड़ा गुण..........है*
*लोग कीचड़ से इसलिए बचकर चलते हैं कि कहीं कपड़े खराब न हो जाये,,,*
*और,,,,,,*
*और कीचड़ इस घमण्ड में चूर रहता है कि लोग उससे डरते है*
*बच के रहना ऐसे लोगों से मेरे दोस्तों, जिनके दिल में भी एक दिमाग रहता है।*
" शिक्षक " बनना अत्यंत भाग्यवान को ही नसीब होता है।
विचार करें।
1) डाॅक्टर के पास कोई ख़ुशी से जाता है क्या?
2) वकील के पास कौन ख़ुशी से जाता है ?
3)पुलिस के पास कौन अपनी मर्जी से जाता है ?
लेकिन सर्वाधिक सुखकारी और आनंददायी कार्य शिक्षक को प्राप्त है।
जीवन के न जाने कितने तनाव, कितनी परेशानियों से त्रस्त मन के साथ, शिक्षक जब शिक्षा के मंदिर में पहुँचता है तो, बालगोपालों के आनंद और शिक्षण के साथ सब भूल जाता है। आनंदित रहो और आनंद का प्रसार करो।पाठशाला और विधार्थी,,, ये शिक्षक के लिए प्राणवायु के समान हैं।
💐
शिक्षक दिवस की बधाई
Comments
Post a Comment