35. दोस्तों की सलाह (एक कहानी)
35. दोस्तों की सलाह (एक कहानी) यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है जो दिल्ली के पटपड़गंज के वैस्ट विनोद नगर में घटित हुई। इसके पात्रों के नाम काल्पनिक है। मेरे दोस्त ने जयपुर में अपने पड़ोस में घटी एक घटना को मुझे बताया। तो मुझे भी कुछ वर्ष पूर्व घठित एक घटना याद आ गई जो एक बुजुर्ग ने पार्क में सुनाई थी। उनकी आपबीती ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया था। आइए बताते हैं कि वह घटना क्या थी? भारत में घूमना जहां स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है वही मानसिक ताकत दे प्रदान करता है वहां हमें प्रकृति का सानिध्य नहीं अपने जैसे अनेक दोस्त भी मिलते हैं ऐसा ही हुआ था राम सिंह के साथ। वह अपने दोस्तों के साथ बैठा हंसी ठट्ठा कर रहा था कि तभी एक बुजुर्ग ने उसकी दुखती रग पर हाथ रख दिया। "क्या हरिया ? तुझस भी" कहकर रामसिंह एकदम शांत हो गया । साथ में बैठे बुजुर्ग लोग भी शांत हो गए। अचानक आए इस परिवर्तन ने वही पास बैठे मुझे और मेरी पत्नी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हम दोनों उनकी बात बड़े ध्यान से सुनने लगे। "बुढ़े ! बाल बच्चे कहां हैं?" उसने गढ़वाली भाषा में पूछा था। (मैं यहां उनके शब्दों ...