42. बाबू || यह जीवन है || जीवन भी बिना रीटेक का

42. बाबू || यह जीवन है || जीवन भी बिना रीटेक का 

बाबू 
यह जीवन है 
जीवन भी बिना रीटेक का 
इसमें रीटेक नहीं होता 
इसमें दूसरा मौका नहीं मिलता
बाबू 
अपने जीवन को दाव पर मत लगाओ

बाबू 
यह जीवन है बिना रीटेक का 
इसमें रीटेक नहीं होता 
इसे दाव पर मत लगाओ 
बाबू 
यह जीवन है माता और पिता का 
उनके कर्ज उतारने का 
इसी दाव पर मत लगाओ

बाबू 
यह जीवन है बिना रीटेक का 
इसमें रीटेक नहीं होता 
इसे दाव पर मत लगाओ 
यह जीवन है भाई और बहन के प्यार का 
वह आपका इंतजार करते हैं 
बाबू 
बाबू जीवन में रिटेक नहीं होता 
इसे दाव पर मत लगाओ

बाबू
यह जीवन है बिना रीटेक का 
इसमें रीटेक नहीं होता 
इसमें दूसरा मौका नहीं मिलता
इसे दाव पर मत लगाओ

लेखक

ॐ जितेंद्र सिंह तोमर
18/5/20/8/2021

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