कॉपी का भार

मैं वकील कैसे बना❓
9वीं कक्षा में मैंने विज्ञान की कॉपी नहीं बनाई थी और कॉपी चेक कराने का भयंकर दबाव था...🤔

मैडम भी बड़ी सख्त थीं...😎अगर उनको पता चलता तो उल्टा ही टांग देतीं...
पूरे 9 अध्याय हो चुके थे।दूसरे लड़के 40-40 पेज रजिस्टर के भर चुके थे और मेरे पास जो भी था,एक रफ़ कॉपी में ही था...
दो रातें तो एक मिनट नींद नहीं आई और ऊपर से पिता श्री को पता चलने का डर...🤔

चेकिंग का दिन आया🤔 मैडम ने चेकिंग शुरू की...21 रोल नंबर वालों तक की कॉपी चेक हुई और एक घंटा लग गया....🤔
मैंने राहत की सांस ली...😀तभी मैडम ने जल्दी जल्दी में कहा कि सभी बच्चे कॉपी जमा कर दो। मैं चेक करके भिजवा दूंगी...
तभी मेरा शातिर दिमाग घूमा...🤔

मैं भीड़ में कॉपियों तक गया और जैसे बीजगणित में मान लेते हैं ना,ठीक वैसे ही मैंने मान लिया कि मैंने कॉपी जमा कर दी...😂
अब कॉपी का टेंशन मैडम का...😂

दो दिन बाद सबकी कापियाँ आई, पर मेरी नहीं आई...और आती भी कैसे...❓😀

अब मैं मैडम के पास गया और बोला:- मैडम कॉपी नहीं आई❓🤔, वो बोलीं कि मैं चेक कर लूंगी स्टाफ रूम में होगी...
अगले दिन मैं फिर पहुँच गया और बोला कि मैडम मेरी कॉपी...❓😀
मैडम बोलीं कि स्टाफरूम में तो है नहीं, मेरे घर रह गयी होगी कल देती हूं... 
मैंने कहा:- ठीक है
अगले दिन मैं फिर....मैडम कॉपी 🤣 मैडम बोली कि बेटा मैंने घर देखी थी,आपकी कॉपी मिल गयी है...😀 आज मैं लाना भूल गयी, कल देती हूँ 😀

मैंने मन ही मन कहा वाह ...कमाल हो गया, मेरे बिना जमा किये ही कॉपी मैडम के घर पहुँच गयी 😀

अगले दिन मैं फिर...मैडम कॉपी, मैडम याद भी करना है 🤣
और यूँ मैंने 5 दिन तक मैडम को परेशान किया😀फिर मैडम ने मुझे स्टाफरूम में बुलाया और ज्यों ही बोला कि...
देखो बेटा..."आपकी कॉपी हमसे गलती से खो गयी है"
मैंने ऐसा मुरझाया मुँह बना लिया कि जैसे पता नहीं अब क्या होगा❓ और कहा:- 
मैडम अब क्या होगा❓मैं इतना दोबारा कैसे लिखूंगा, याद कैसे करूंगा,एग्जाम कैसे दूंगा,इतना सारा मैं फिर से कैसे लिखूंगा...वगैरह वगैरह झोंक दिया 😀😀

मैडम ने ज्यों ही कहा:- बेटा तुम चिंता न करो,दसवें अध्याय से कॉपी बनाओ और बाकी दोबारा मत लिखना, वो हम बंदोबस्त कर देंगे".....समझ लो ऐसे लगा जैसे भरी गर्मी में कलेजे पर बर्फ रगड़ दी हो किसी ने 😀😀😀
मानो 50 किलो का बोझा सिर से उतर गया हो, मैडम के सामने तो खुशी जाहिर नहीं कर सकता था, लेकिन...

मैडम के जाते ही तीन बार घूँसा हवा में मार कर... “Yes...Yes...Yes" बोलकर अपनी टाई ढीली करते हुए आगे बढ़ लिया...😉😉😂😂😂

अगले दिन मैडम उन 9 अध्याय की 40 पेज की फोटोस्टेट लेकर आई और मुझे दी कि ये लो बेटा, कुछ समझ न आये तो कभी भी आकर समझ लेना 🤣🤣🤣
उसी दिन मुझे अपनी असली शक्तियों का एहसास हुआ...😀
और मैंने तय किया कि मैं वकालत में अपना भविष्य बनाऊँगा...
और बन गया वक़ील...तब से आजतक पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नहीं पड़ी...😀😀😀

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