अच्छे विचार 01

*🙏🌷सादर सुप्रभात🌷🙏*_

*🌷🌿☘️आज का सुविचार☘️🌿*
*🌷🌿☘️कुछ खिलाड़ी इस जीवन को इस तरह खेलते हैं,कि हारने के बाद भी.उनकी प्रसंशा की जाती है* 
 *🌷🌿☘️सम्बंध जब दोनों तरफ से निभाए जाते हैं, वही सफल होते हैं।एक तरफ से सेक कर तो रोटी,भी नहीं बनती,और ना ही ताली बजती है*
 *🌷🌿☘️सब आपके प्रिय है,ये आपकी परख है,आप,किसी को प्रिय हो ये आपकी पहचान है*🌷🌿☘️
*🌷🌿☘️मैं क्यों चिंता करूँ कि,संसार क्या कहता है।मुझे संतोष इस बात का है कि,साँवरा मुझे अपना कहता है।*।
 *🌷🌿☘️मैं हू ना.आपके द्वारा कहे गए,ये तीन शब्द,किसी परेशान व्यक्ति के,जीवन में ऊर्जा भर सकते है..*
 *🌷🌿☘️आदमी की सम्पत्ति,ना तो व्यापार है,ना धन है, सम्पत्ति तो,हँसता हुआ उसका परिवार,अच्छा स्वास्थ्य,शुभचिंतक मित्र,और संतुष्ट मन है ।*
*🌷🌿☘️कुछ तो बहुत अच्छा है सभी में,फिर जरा सी बुराइयों का लेखा क्या रखना.गलतियां होती रहती हैं,बस मनोभाव गलत नहीं होने चाहिए !!*
*🌷🌿☘️संबंधों की गहराई की कला वृक्षों से सीखो,जड़ों में घाव लगते हैं तो टहनियाँ सूख जाती हैं।*
 *🌷🌿☘️समय कागजों का था पर देर तक पत्रों में मनोभाव सुरक्षित रहते थे, आज उम्र भर की यादें भी,ऊँगली से ही मिट जाती हैं !*
*🌷🌿☘️क्रोध, ईर्ष्या, व द्वेष यह सब मीठा विष हैं!, इन्हें,पीते हम स्वयं हैं और विचारते हैं मरेगा कोई दूसरा*
.*🌷🌿☘️नमक जैसा बनाइये अपना व्यक्तित्व आपकी उपस्थिति का,भले ही पता न चले,  पर.अनुपस्थिति का अहसास,अवश्य होना चाहिए*
 *🌷🌿☘️द्वेष,को* *हजार,अवसर,दो,कि वो,प्रेम,मे,परिवर्तित,हो जाये,लेकिन,प्रेम को,एक,भी,अवसर,मत*  *दो,कि वो, द्वेष में बदल* *जाये।।*
  *🌷🌿☘️बदन है मिट्टी का,सांसे सारी उधार हैं,घमण्ड भी है तो किस बात का,यहाँ हम सब किरायेदार हैं*
*🌷🌿☘️वाणी और विचार.ये दोनों प्रोडक्ट हमारी,खुद की कंपनी के हैं.जितनी क्वालिटी और गुणवत्ता,अच्छी रखेंगे उतनी कीमत ज्यादा मिलेगी...!!*
 *☘️🌿 श्री शिवाय नमस्तुभ्यं👏☘️🌿*
 *☘️🍀🌿ॐ नमः शिवाय👏☘️🍀🌿*
*🌹🌷🌞🙏सुप्रभात🙏🌞🌷🌹*
*🌺आपका दिन शुभ मंगल मय हो🌺*
*🔱‼️🔱ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्,उर्वारुकमिव वन्धानान् मृत्योर्मुक्षीय माम्रतात् 🔱‼️🔱*
*🔱‼️🔱कर्पूरगौरं करुणतारं संसारसारं भुजगेन्द्र हारं!सदावसंतं ह्रदयारविदं भवंभवानी सहितं नमामि!! 🔱‼️🔱*


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