गौ, गंगा, गीता और गायत्री का सम्मान कीजिये
*एक बार अकबर बीरबल हमेशा की तरह टहलने जा रहे थे।*
*रास्ते में एक तुलसी का पौधा दिखा, मंत्री बीरबल ने झुक कर प्रणाम किया!*
*अकबर ने पूछा कौन हे ये?*
*बीरबल - मेरी माता हे!*
*अकबर ने तुलसी के झाड़ को उखाड़ कर फेक दिया*
*और बोला - कितनी माता हैं तुम हिन्दू लोगो की...!*
*बीरबल ने उसका जबाब देने की एक तरकीब सूझी!*
*आगे एक बिच्छुपत्ती (खुजली वाला ) झाड़ मिला। बीरबल उसे दंडवत प्रणाम कर*
*कहा - जय हो बाप मेरे!*
*अकबर को गुस्सा आया... दोनों हाथो से झाड़ को उखाड़ने लगा।*
*इतने में अकबर को भयंकर खुजली होने लगी तो बोला - बीरबल ये क्या हो गया?*
*बीरबल ने कहा आप ने मेरी माँ को मारा इस लिए ये गुस्सा हो गए!*
*अकबर जहाँ भी हाथ लगता खुजली होने लगती।*
*बोला - बीरबल जल्दी कोई उपाय बतायो!*
*बीरबल बोला - उपाय तो है लेकिन वो भी हमारी माँ है। उससे विनती करनी पड़ेगी!*
*अकबर बोला - जल्दी करो!*
*आगे गाय खड़ी थी बीरबल ने कहा गाय से विनती करो कि...*
*हे माता दवाई दो...*
*गाय ने गोबर कर दिया... अकबर के शरीर पर उसका लेप करने से फौरन खुजली से राहत मिल गई!*
*अकबर बोला - बीरबल अब क्या राजमहल में ऐसे ही जायेंगे?*
*बीरबल ने कहा - नहीं बादशाह हमारी एक और माँ है! सामने गंगा बह रही थी।*
*आप बोलिए हर- हर गंगे... जय गंगा मईया की... और कूद जाइए!*
*नहा कर अपने आप को* *तरोताजा महसूस करते हुए अकबर ने गंगा मैया को नमन किया तो बीरबल ने अकबर से कहा "महाराज ये तुलसी* *माता, गौ माता, गंगा माता तो जगत जननी है सबकी माता हैं बिना भेदभाव सबका कल्याण करने वाली है" !*
*इनको मानने वालों को ही "हिन्दू" कहते हैं..!*
*हिन्दू एक "संस्कृति" है, "सभ्यता" है...*
*स॑मप्रदाय नहीं..!*
*⛳गौ, गंगा, गीता और गायत्री का सम्मान कीजिये... संस्कृति के प्राण स्तंभ है*💐🙏🏻
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