तकनीकी 05. सुविधाओं की नई WINDOWS 11
सुविधाओं की नई WINDOWS
पर्सनल कंप्यूटर अब सिर्फ ऑफिस के कामकाज का साधन नहीं रह गए हैं बल्कि क्लाउड, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के साथ भी जुड़ चुके हैं। विंडोज का ताजातरीन संस्करण रिमोट वर्क में झटपट आ रहे तकनीकी बदलावों की झलक देता है। यह दिखाता है कि कैसे पर्सनल कंप्यूटरों की नई पीढ़ी पहले से ज्यादा ताकतवर, तेजतर्रार और सुरक्षित है। अब कैसे आपका लैपटॉप प्रॉडक्टिविटी के साथ-साथ कम्यूनिकेशन का जरिया भी बनता जा रहा है। पूरी जानकारी दे रहे हैं बालेन्दु शर्मा दाधीच
विंडोज-10 दुनिया का सबसे लोकप्रिय कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे 1.3 अरब कंप्यूटरों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसने दरअसल, ऐसी कई सुविधाएं दी थीं जो नए जमाने की जरूरतों को पूरा करती हैं। अब माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज-11 हमें आधुनिक तकनीकी इनोवेशन के ज्यादा करीब ले आएगा। हमारे कामकाज के तौर-तरीके, तकनीकी जरूरतें और हसरतें बदल चुकी हैं। विंडोज-11 उन्हीं बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
ये हैं 11 खासियतें
1. डिजाइन में ताजगी
टास्कबार में दिखने वाले आइकन पहले लेफ्ट साइड में होते थे यानी कि लेफ्ट अलाइन्ड। अब वे बीच में आ गए हैं। वैसे, आपको पुराना तरीका पसंद हो तो आप अपनी टास्कबार को कस्टमाइज करके फिर से लेफ्ट अलाइनमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। सर्च बॉक्स की जगह अब सर्च आइकन ने ले ली है। स्टार्ट बटन भी बीच में है और इसे क्लिक करने पर स्टार्ट मेन्यू खुलता है जिसमें ऊपर सारे ऐप्स दिखेंगे और नीचे उन डॉक्यूमेंट्स की सूची दिखाई देगी जिनको आपने हाल में इस्तेमाल किया है। स्टार्ट मेन्यू अब पहले से ज्यादा आसान दिखाई देता है।
2. बढ़ गई रफ्तार
विंडोज-11 वाले कंप्यूटर की स्पीड दूसरे कंप्यूटरों की तुलना में तेज है। माइक्रोसॉफ्ट ने मेमरी और सीपीयू के इस्तेमाल को ज्यादा कार्यकुशल बनाने पर मेहनत की है। जो ऐप्लिकेशन सामने चल रही हैं, उन्हें ज्यादा मेमरी और सीपीयू पावर मिलेगी, बजाय बैकग्राउंड में चलने वाली प्रक्रियाओं के। अब अगर आपका सीपीयू बहुत ज्यादा सक्रिय है, तब भी नई ऐप्लिकेशन तपाक से खुलनी चाहिए। पीसी के स्लीप मोड में जाकर 'जागने' की प्रक्रिया भी अब पहले से तेज हो गई है।
3. माइक्रोसॉफ्ट टीम्स का साथ
बदले जमाने के साथ कलैबरेशन और विडियो कॉलिंग आम बात हो चुकी है। माइक्रोसॉफ्ट Teams के रूप में यह सुविधा विंडोज-11 में आ गई है। आपका पीसी अब अपने दोस्तों, परिवार वालों और दफ्तर के लोगों के साथ जुड़े रहने का जरिया भी बन गया है। आइकन पर क्लिक कीजिए और विडियो कॉल शुरू कर लीजिए। सिर्फ विडियो कॉल ही क्यों, चाहें तो इसे कलैबरेशन के लिए भी इस्तेमाल कीजिए यानी कई लोगों के साथ काम करने के लिए- भले ही वे कहीं भी हों और किसी भी तरह का कंप्यूटर या स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हों
4. एक साथ कई काम
अब आप विंडोज-11 के स्नैप लेआउट्स का इस्तेमाल करते हुए अपनी स्क्रीन पर एक साथ कई ऐप्लिकेशंस को साइड-बाइ-साइड और ऊपर-नीचे खोल सकेंगे और उन पर काम भी कर सकेंगे। कई ऐप्लिकेशंस को एक साथ एक ही विंडो पर देखना संभव। अगर आप एक ही कंप्यूटर (CPU) के साथ कई मॉनिटरों का इस्तेमाल करना चाहें तो वहां भी बड़े बदलाव आए हैं। मसलन कंप्यूटर के साथ जुड़े कई मॉनिटरों में से एक मॉनिटर को हटाया और फिर वापस जोड़ा तो वही सब कुछ फिर से दिखाई देगा जो उसे हटाते समय दिखाई दे रहा था।
5. डेस्कटॉप तेरे रूप अनेक
अलग-अलग कामों के लिए अपने कंप्यूटर को अलग-अलग स्वरूप दे सकते हैं, जिसे वर्चुअल डेस्कटॉप कहते हैं। मसलन वही कंप्यूटर अगर दफ्तर, घर, गेमिंग आदि के लिए इस्तेमाल करना है तो उसे इस तरह कस्टमाइज कर लीजिए कि दफ्तर वाला वर्चुअल डेस्कटॉप एकदम अलग दिखेगा, घर वाला एकदम अलग और गेमिंग वाला भी एकदम अलग। हरेक पर अलग-अलग फाइलें सेव कर सकेंगे, अलग-अलग आइकन बना सकेंगे, अलग-अलग ऐप्स को पिन कर सकेंगे आदि-आदि।
6. गेमिंग और मजा
विंडोज-11 ने माइक्रोसॉफ्ट के लोकप्रिय गेमिंग सिस्टम एक्सबॉक्स की तकनीक (जैसे डायरेक्ट एक्स 12 अल्टीमेट, एचडीआर और डायरेक्ट स्टोरेज) का इस्तेमाल करते हुए विंडोज कंप्यूटरों में ही दमदार गेमों को शानदार ग्रैफिक्स और तेज रफ्तार के साथ खेलने की सुविधा दी है। सौ से ज्यादा तेजतर्रार गेम्स को खेला जा सकता है। आगे लगातार नए गेम भी जुड़ते रहेंगे।
7. बेहतर डिजिटल पेन
अगर डिजिटल पेन या स्टाइलस का इस्तेमाल करते हैं तो उसके जरिए नोट लेते समय या ड्राइंग करते समय अब हैप्टिक्स मजा ले सकेंगे यानी आपको कुछ खास किस्म के कंपन (वाइब्रेशन) महसूस होंगे और कुछ आवाजें भी सुनाई देंगी जो डिजिटल पेन के अनुभव को ज्यादा बेहतर बना देंगी। वॉइस टाइपिंग और वॉइस कमांड की सुविधाएं भी अब कंप्यूटर में समाहित कर दी गई हैं यानी मोबाइल फोन की तरह बोलने पर टेक्स्ट टाइप हो जाएगा।
8. नए-नए आइकन
जिस तरह मोबाइल फोन पर ऐप्लिकेशंस का इस्तेमाल किया जाता है, विंडोज-11 कंप्यूटरों पर अलग-अलग कामों के लिए विजेट्स (आइकन) का प्रयोग कर सकते हैं। टास्कबार पर विजेट्स का आइकन मौजूद है। इसे क्लिक करने पर विजेट्स पैनल खुलेगा जिसे पसंद के लिहाज से तैयार कर सकते हैं।
9. एज ने बढ़ाई स्पीड
माइक्रोसॉफ्ट ने कई साल पहले 'एज (Edge)' के नाम से नया ब्राउजर विकसित किया था। अब यह ब्राउजर क्रोमियम प्लैटफॉर्म पर आधारित है और बहुत सारे टेस्ट में साबित हुआ है कि 'एज' न सिर्फ ज्यादा तेजी से काम करता है बल्कि कम मेमरी और कम प्रोसेसिंग पावर का भी इस्तेमाल करता है।
10. अब एंड्रॉयड ऐप्स भी
अब एंड्रॉयड स्मार्टफोन के ऐप्स का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। यह फीचर तुरंत उपलब्ध नहीं होगा लेकिन कुछ महीने में आपके कंप्यूटर में आ जाएगा। ये ऐप्स माइक्रोसॉफ्ट स्टोर और अमेजॉन ऐप स्टोर से डाउनलोड की जा सकेंगी।
11. बड़ा अपडेट एक ही
नई चुनौतियों से सुरक्षित बनाए रखने के लिए अपडेट्स किया जाता है। विंडोज-10 के लिए साल में दो बड़े अपडेट जारी किए जाते थे लेकिन विंडोज-11 में सिर्फ एक अपडेट आएगा।
ऐसे होगा विंडोज-11 फ्री में अपग्रेड
अगर आपके कंप्यूटर में विंडोज-10 है और आपका हार्डवेयर विंडोज-11 को चलाने लायक है (खास तौर पर प्रोसेसर और रैम) तो आप अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड कर सकेंगे, बशर्ते आपका कंप्यूटर माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से तय किए गए सभी जरूरी पहलुओं पर खरा उतरता हो।
ऐसे देखें सिस्टम की क्षमता
1. प्रोसेसर, रैम आदि की क्षमता देखने के लिए अपने सिस्टम के Control Pannel फिर System और फिर About में जाएं।
2. वहीं Storage, Graphics, Display देखने के लिए Settings फिर update & Security पर जाएं, वहां राइट साइड में Check Storage मिलेगा।
आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप की कंपैटिबिलिटी जांचने के लिए यहां जाएं: microsoft.com/en-us/windows/get-windows-11 या tinyurl.com/8699rujf। अगर यहां दिया गया विवरण आपको समझ न आए तो अपने कंप्यूटर की Settings में जाएं और वहां पर Update & Security पर क्लिक करें। अब खुलने वाली विंडो में Windows Update पर जाएं। बहुत संभव है कि वहां पर यह सूचना पहले से ही दिखाई जा रही होगी कि आपका कंप्यूटर विंडोज-11 में अपग्रेड होने के लिए जरूरी पैमानों का पालन करता है या नहीं। अगर ऐसा नहीं है तो वहां दिए गए Check for updates बटन पर क्लिक करें। अगर आपका कंप्यूटर माइक्रोसॉफ्ट के पैमानों पर खरा उतरता है तो कुछ देर में वहीं पर लिखा मिलेगा- Upgrade to Windows 11 is ready and it's free. वहीं नीचे बटन दिखेगा- Download and install.
स्टेप 1: आपको बस यहां क्लिक करना है। अब एक इंस्टॉल प्रोग्राम डाउनलोड होगा जिसे क्लिक करने पर विंडोज-11 के इंस्टॉल होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अगर आप फिलहाल यह बदलाव नहीं करना चाहते तो डाउनलोड बटन को दबाने के बजाय इस बटन के पास दिए गए एक लिंक पर क्लिक करें, लिखा होगा- Stay on Windows 10 for now.
स्टेप 2: अगर आपके कंप्यूटर पर यह लिखा आ रहा है कि आपका कंप्यूटर फिलहाल विंडोज-11 में अपग्रेड करने लायक सुविधाओं से लैस नहीं है, तो आप PC Health Check नामक एक टूल का इस्तेमाल करें। इसका लिंक वहीं पर दिया होगा, यानी इस संदेश के बगल में। यह जांच कर बताएगा कि क्या बदलाव करने पर आप विंडोज-11 में अपग्रेड कर पाएंगे।
-Windows Edition: Windows 10 के अपडेट का एडिशन 2004 (अप्रैल 2020 में जारी) या उसके बाद का मौजूद होना चाहिए।
- Processor (CPU)ः 1GHz या उससे तेज 64-bit प्रोसेसर, जिसमें 2 या उससे ज्यादा कोर हों
- RAM: कम से कम 4GHz
- Storageः सभी ड्राइव मिलाकर कम से कम 64 GB
- TPM: ट्रस्टेड प्लैटफॉर्म मोड्यूल वर्जन 2.0
(TPM क्या है, यहां जानें- https://docs.microsoft.com/en-us/windows-hardware/design/device-experiences/oem-tpm )
- Graphics Card: जो डायरेक्ट एक्स 12 या उसके बाद के डायरेक्ट एक्स का समर्थन करता हो और WDDM 2.0 ड्राइवर के साथ
- DISPLAY: हाई डेफीनिशन डिस्प्ले (720पी) या उससे ज्यादा
- इंटरनेट कनेक्टिविटी और माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट
कंप्यूटर या लैपटॉप पर ऐसे करें हिंदी में काम
विंडोज-11 में हिंदी सहित 22 संविधान सम्मत भाषाओं में काम करना मुमकिन है। इसके लिए सभी जरूरी सुविधाएं विंडोज में या तो पहले से ही मौजूद हैं या फिर आप उन्हें कुछ माउस क्लिक में ही ऐक्टिव कर सकते हैं।
विंडोज-11 में अपनी भाषा को जोड़ना
- विंडोज-11 में टास्कबार में मौजूद सर्च आइकन पर क्लिक करें।
- अब ऊपर सर्च बॉक्स में Language Settings लिखें। जैसे ही आप लिखना शुरू करेंगे, विंडोज खुद ही आपको सुझाव देने लगेगा।
- अब सामने की ओर बड़े आकार में Language Settings का लिंक और आइकन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
- अब खुलने वाली नई विंडो का नाम होगा Language & Region इसमें वे सभी भाषाएं दिखाई देंगी जो आपके सिस्टम में फिलहाल मौजूद हैं। वहीं पर Preferred Languages नाम के सेक्शन में Add a language बटन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
- अब एक बॉक्स खुलेगा, जिसमें उन सभी भाषाओं की सूची मौजूद है जिनका समर्थन विंडोज-11 में किया गया है। इनमें से अपनी पसंद की भाषा (जैसे हिंदी) को चुनें, जिसे आप जोड़ना चाहते हैं। अगर यह भाषा एक से ज्यादा लिपियों में लिखी जाती है तो एक से अधिक विकल्प दिखाई देंगे जिनमें भाषा का नाम उन लिपियों के साथ लिखा होगा। अपनी जरूरत के विकल्प पर (आगे इसकी जानकारी दी गई है) क्लिक करें।
- अब नीचे दिखने वाले Next बटन पर क्लिक करें।
- कुछ सेकंड के लिए कुछ फाइलें डाउनलोड होने लगेंगी और माउस का कर्सर घूमने लगेगा। यह प्रक्रिया चंद सेकंड में पूरी हो जाएगी और नीचे Install बटन सक्रिय हो जाएगा जो अब तक डिसेबल दिखाई दे रहा था। इसे क्लिक करें।
- चंद सेकंडों में आपकी भाषा आपके कंप्यूटर में जुड़ चुकी होगी।
-अब सेटिंग्स से बाहर आ जाइए।
भाषाएं कहां दिखाई देती हैं
जिन भाषाओं को आपने अपने कंप्यूटर में जोड़ा है, वे टास्कबार में राइट साइड में (तारीख के पास) दिखाई देती हैं। चूंकि अंग्रेजी पहले से ही ऐक्टिव होगी, इसलिए वहां एक नया आइकन दिखाई देगा जिस पर ENG लिखा होगा। मतलब यह कि इस समय अंग्रेजी भाषा ऐक्टिव है और टाइप करेंगे तो अंग्रेजी में टाइप होगा। इस आइकन पर क्लिक करने पर सभी भाषाओं के की-बोर्ड दिखाई देंगे जो आपके कंप्यूटर में मौजूद हैं। कहीं पर (जैसे वर्ड, एक्सल, पावरपॉइंट या किसी वेबसाइट आदि पर) हिंदी में काम करना है तो पहले टास्कबार में हिंदी का कीबोर्ड चुनें और फिर उस ऐप्लिकेशन में जाकर टाइपिंग करना शुरू कर दें। अब आपका टेक्स्ट हिंदी में टाइप होने लगेगा। बार-बार टास्कबार पर आकर भाषा चुनने में दिक्कत महसूस होती हो तो एक शॉर्टकट भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह है- Alt+Shift इसे दबाने पर कंप्यूटर में मौजूद भाषाएं क्रम से सिलेक्ट हो जाती हैं। जैसे फिलहाल अंग्रेजी सिलेक्टेड है और Alt+Shift बटन दबाएं तो वह भाषा सिलेक्ट हो जाएगी जो सूची में अंग्रेजी के बाद आती है। फिर से यही कॉम्बिनेशन दबाएंगे तो अगली भाषा में काम कर सकेंगे।
की-बोर्ड लेआउट का चुनाव
कई भाषाओं में एक से ज्यादा कीबोर्ड लेआउट मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल मनचाहे ढंग से टाइपिंग के लिए किया जाता है। विंडोज-11 में भारत की सभी भाषाओं को ऐक्टिव करने पर इनस्क्रिप्ट की-बोर्ड लेआउट खुद ही डाउनलोड हो जाता है जो डिफॉल्ट लेआउट है। सिर्फ तमिल पर यह बात लागू नहीं होती, जहां का डिफॉल्ट कीबोर्ड लेआउट 'तमिल99' कहलाता है। हिंदी में डिफॉल्ट इनस्क्रिप्ट लेआउट को हिंदी ट्रडिशनल का नाम दिया गया है।
रोमन लिपि (अंग्रेजी के अक्षरों) का इस्तेमाल करते हुए देवनागरी लिपि में टाइप करना चाहते हैं तो किसी बाहरी टूल की तलाश करने या इंटरनेट से डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। विंडोज-11 में माइक्रोसॉफ्ट ने पहले ही फोनेटिक की-बोर्ड दे दिया गया है जो यह काम बेहतर तरीके से करता है और सिस्टम से जुड़ा है।
फोनेटिक की-बोर्ड ऐक्टिवेट करना
•अगर आपके कंप्यूटर में हिंदी पहले से ऐक्टिव जा चुकी है तो टास्कबार पर भाषाओं वाले आइकन पर क्लिक करें, जहां More Keyboard Settings का बटन दिखाई देगा। इसे क्लिक करने पर आप Language Settings वाली विंडो पर पहुंच जाएंगे। अगर पहले से हिंदी ऐक्टिवेट नहीं है तो सर्च बॉक्स में Language Settings लिखकर इस विंडो पर पहुंचें।
अब ये स्टेप अपनाएं-
- भाषाओं की सूची में आप अपनी भाषा के नाम के आगे दिए तीन डॉट्स (...) पर क्लिक करें जो उस भाषा की सेटिंग्स आपको दिखाते हैं।
- अब खुलने वाले ड्रॉप डाउन मेन्यू में Language Options पर क्लिक करें।
- नीचे Keyboards का विकल्प दिखाई देगा। इसमें Add a keyboard बटन पर क्लिक करें।
- अब वे सभी की-बोर्ड लेआउट दिखाई देंगे जो इस भाषा में उपलब्ध हैं। यहीं पर Phonetic Keyboard भी दिखाई देगा। इसे क्लिक करें।
- तुरंत हिंदी फोनेटिक की-बोर्ड ऐक्टिव हो जाएगा और की-बोर्डों की सूची में दिखाई देने लगेगा।
- अब इस विंडो से बाहर आ जाइए। जब भी फोनेटिक कीबोर्ड का इस्तेमाल करना हो तो टास्कबार में दिए गए भाषा के आइकन के जरिए इसे सिलेक्ट करें और काम करना शुरू कर दें।
टच की-बोर्ड इस्तेमाल करना
अगर आपके पास टचस्क्रीन कंप्यूटर है तो हिंदी में टच की-बोर्ड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। तरीका यह है:
- पहले टास्कबार पर माउस से राइट क्लिक करें।
- Taskbar settings विकल्प पर क्लिक करें।
- अब Touch Keyboard नामक विकल्प के आगे बने बटन पर क्लिक करके उसे On कर दें।
- टास्कबार में की-बोर्ड का एक आइकन दिखाई देने लगेगा।
- आप इस पर क्लिक करें। आपकी स्क्रीन पर एक टच की-बोर्ड दिखने लगेगा।
- अगर यह अंग्रेजी में दिखाई दे रहा है तो टास्कबार में भाषा के विकल्प पर जाकर हिंदी चुन लें। टच की-बोर्ड हिंदी में तब्दील हो जाएगा।
- जिस दस्तावेज में काम करना हो, वहां क्लिक या टैप करें और अब टच की-बोर्ड के जरिए टाइपिंग शुरू कर दें।
अपनी हैंडराइटिंग में काम करना
- अगर आपके पास स्टाइलस (डिजिटल पेन) है तो टास्कबार में इसी कीबोर्ड आइकन पर क्लिक करें।
- उसके ऊपर आपको लेफ्ट साइड में सेटिंग्स का गियर वाला आइकन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
- अब आप Handwriting विकल्प पर क्लिक करें
- स्क्रीन पर हैंडराइटिंग पैनल दिखने लगेगा।
- कोई भी डॉक्यूमेंट खोलें और अब इस हैंडराइटिंग पैनल पर अपने डिजिटल पेन से लिखना शुरू करें। आपकी लिखी हुई इबारत खुद ही डॉक्यूमेंट में टाइप होने लगेगी।
हिंदी में नैरेटर का इस्तेमाल करना
- अगर आप चाहते हैं कि कंप्यूटर हिंदी में टाइप किए हुए आपके टेक्स्ट को पढ़कर सुनाए तो सर्च बॉक्स में Narrator लिखें।
- अब सामने दिखाई देने वाले Narrator के आइकन पर क्लिक करें।
- इससे नैरेटर नामक ऐप्लिकेशन खुल जाएगा। Minimize बटन पर क्लिक करें।
- अब अपने डॉक्यूमेंट में जाएं और डॉक्यूमेंट में क्लिक करके CapsLock+R की दबाएं।
- नैरेटर आपके टेक्स्ट को पढ़कर सुनाने लगेगा। याद रहे, इससे पहले आपके कंप्यूटर में हिंदी स्पीच इनेबल्ड होनी चाहिए जो भाषा को ऐक्टिव करते समय इनेबल होती है।
- इसी तरह बोलकर टाइप करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में 'डिक्टेट बटन' का इस्तेमाल करना चाहिए।
विंडोज का यूजर इंटरफेस बदलना
चाहें तो विंडोज-11 में ज्यादातर मेन्यू, संदेश, सेटिंग्स आदि हिंदी में दिखाई दे सकते हैं यानी कि आपके विंडोज-11 का पूरी तरह हिंदीकरण हो सकता है। इसके लिए ऐसा करना होगा-
- पहले बताए गए तरीकों का इस्तेमाल करते हुए Language Settings पर पहुंचें। पेज Language & region है।
- यहां सबसे ऊपर Windows display language में वह भाषा दिखाई देगी जो इस समय आपके विंडोज-11 कंप्यूटर के यूजर इंटरफेस की भाषा है। फिलहाल यह अंग्रेजी होगी, अगर आपने इसे पहले बदला नहीं है।
- Windows display language के सामने दिए बटन पर क्लिक करें और हिंदी चुन लें।
- इसके बाद जब विंडोज-11 रिस्टार्ट होगा तो सारा विंडोज हिंदी में दिखाई देगा।
हिंदी के फॉन्ट का इस्तेमाल
विंडोज-11 में हिंदी के अनेक यूनिकोड आधारित फॉन्ट उपलब्ध हैं। आप अपने मनचाहे ढंग से टेक्स्ट को फॉरमैट करने के लिए अपराजिता, निर्मला, कोकिला, उत्साह, संस्कृत टेक्स्ट आदि का प्रयोग कर सकते हैं। मंगल और एरियल यूनिकोड एमएस फॉन्ट से तो आप परिचित होंगे ही। जो फॉन्ट दिखाई न दे उसे इंटरनेट पर तलाश लें। इनके अलावा भी फॉन्ट इंटरनेट से डाउनलोड करके इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
Hindi KeyBoard चुनाव में 3 विकल्प
Hindi Traditional
इसका पूरा नाम Hindi Traditional InScript है। यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने इंस्क्रिप्ट में टाइपिंग सीखी हो। माइक्रोसॉफ्ट में हिंदी में टाइप करने के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। इसमें संस्कृत के भी कई अक्षर आसानी से टाइप किए जा सकते हैं।
Devanagari InScript
इसमें हिंदी समेत दूसरी ऐसी भाषाएं जिनमें देवनागरी लिपि (मराठी आदि) का प्रयोग किया जाता है, इस्तेमाल करने वालों को इस की-बोर्ड का चुनाव करना चाहिए। दरअसल, यह हिंदी के लिए भी है, लेकिन इसमें हिंदी की तरह मिलते-जुलते कुछ कैरेक्टर दूसरी भाषाओं के भी आ जाते हैं। इससे भ्रम की स्थिति बन सकती है। इसलिए हिंदी के लिए हिंदी ट्रडिशनल का विकल्प ही बेहतर माना जाता है।
Hindi Phonetic
इसे रोमन (अंग्रेजी के अक्षर) से हिंदी टाइपिंग कह सकते हैं। जिस तरह हम मोबाइल में टाइपिंग करते हैं, ठीक उसी तरह इसमें भी टाइप किया जाता है। जैसे: RAM टाइप करने पर राम टाइप होगा।
रेमिंगटन की-बोर्ड: इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था विंडोज में नहीं है। यह बात मैक और लिनक्स पर भी लागू होती है। रेमिंगटन टाइपराइटरों के लिए बनाया गया था। इसका आधुनिक कंप्यूटर टेक्नॉलजी से कोई तालमेल नहीं है।
अगर आपके पास पाइरेटिड िवंडोज है तो...
जो लोग पाइरेटिड विंडोज-10, ऑफिस सुइट या दूसरे सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि ऐसा करना गैर-कानूनी भी है और अनैतिक भी। साथ ही साथ यह उनकी डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी के लिए भी बहुत बड़ा खतरा बन सकता है।
अगर विंडोज-10 का पाइरेटिड संस्करण इस्तेमाल करते हैं तो इसका ऑफिशल वर्जन खरीदकर उसे जेनुइन विंडोज में अपग्रेड कर लीजिए। इसके बाद विंडोज-11 की तरफ भी बढ़ सकते हैं, अगर सिस्टम जरूरी तकनीकी पैमाने पर खरा उतरता है। पाइरेटिड विंडोज-10 के यूजर्स को जेनुइन विंडोज-11 अपनाने से पहले अपने विंडोज-10 को ऐक्टिवेट करके जेनुइन ऑपरेटिंग सिस्टम में तब्दील करना चाहिए।
इसके लिए यह प्रक्रिया अपनाएं
1. विंडोज-10 सिस्टम में स्टार्ट बटन पर क्लिक करके Settings पर जाएं और Update & Security पर क्लिक करें।
2. अब बाईं तरफ दिए विकल्पों में Windows Activation पर क्लिक करें जिससे दाईं तरफ विंडो खुलेगी।
3. यहां पर यह संदेश आ रहा होगा कि आपका विंडोज ऐक्टिवेट नहीं है।
4. वहीं पर Activate Windows Now विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
5. अब आप माइक्रोसॉफ्ट स्टोर से विंडोज की लाइसेंस कुंजी खरीद सकते हैं।
6. लाइसेंस कुंजी (की) किसी दूसरे स्रोत से भी खरीद सकते हैं, जैसे कोई जेनुइन ऑनलाइन वेंडर या सॉफ्टवेयर विक्रेता।
7. जब यह कुंजी आपके पास आ जाए तो ऊपर बताए गए Windows Activation सेक्शन में जाकर Change product key पर क्लिक करें और जो प्रॉडक्ट की आपने खरीदी है, उसे डाल दें।
8.इस तरह विंडोज-10 को जेनुइन विंडोज में तब्दील कर लें।
असली की कीमत
विंडोज 10 की लागत अलग-अलग संस्करणों के लिए अलग-अलग होती है। लैपटॉप के साथ प्री-इन्स्टॉल्ड आने वाली विंडोज़ काफी सस्ती होती है। अलग से खरीदने पर माइक्रोसॉफ़्ट की वेबसाइट पर 10 हजार से 16 हजार रुपये तक अलग-अलग संस्करण उपलब्ध हैं।
MS ऑफिस के दो संस्करण आते हैं। एक क्लाउड और सबस्क्रिप्शन आधारित है, जिसे
माइक्रोसॉफ्ट 365 कहते हैं। इसका पर्सनल सबस्क्रिप्शन 4899 रुपये और फैमिली सबस्क्रिप्शन 6199 रुपये में उपलब्ध है। दूसरा संस्करण- ऑफिस 2021, जो हमेशा के लिए है। इसका होम एंड स्टूडेंट वर्जन 9199 रुपये या अधिक में उपलब्ध है।
अब करें अपग्रेड
10. अपने विंडोज अपडेट (System>Update & Security>Windows Update) में जाकर बाकी विंडोज अपडेट इंस्टॉल कर लें।
11. अब हो सकता है कि आपके सिस्टम में यह बताया जा रहा हो कि वह विंडोज-11 में अपग्रेड किए जाने योग्य है या नहीं। अगर है तो इसे अपग्रेड कर लें।
12. अगर आपके सिस्टम में ऐसा कोई संदेश नहीं आ रहा तो माइक्रोसॉफ्ट का PC Health Check नामक टूल इंटरनेट से डाउनलोड कर लें https://aka.ms/GetPCHealthCheckApp) इस टूल को चलाकर देखें। आगे विंडोज-11 को इंस्टॉल करने के लिए यह आपको गाइड करेगा।
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