दूध और पानी

दूध का दूध, पानी का पानी

शुक्रवार यानी 26 नवंबर को वर्गीज कुरियन का जन्मदिन है। कुरियन को ‘भारत का मिल्कमैन’ भी कहा जाता है। इन्हीं की बदौलत भारत दूध उत्पादन में दुनिया में टॉप पर है। 1946 में कुरियन ने डेयरी सहकारी, कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की स्थापना की थी। आज इसे अमूल डेयरी के नाम से जाना जाता है। दूध का इस्तेमाल आज हर घर में होता है। मार्केट में मौजूद तरह-तरह की क्वॉलिटी वाले दूध सेहत पर कितना और कैसा असर डालते हैं, इस बारे में एक्सपर्ट्स से जानकारी लेकर बता रहे हैं राजेश भारती

दूध पीना किसे और क्यों जरूरी
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को रोज दूध पीना चाहिए। खासतौर से बच्चों और टीनएजर्स (10 से 15 साल तक के बच्चों) के लिए दूध पीना बहुत जरूरी होता है। यही नहीं, प्रेग्नेंट महिलाओं को भी रोज दूध लेना चाहिए। यह बच्चे की ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है। दूध पीने से बुजुर्गों की मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं। दूध में फैट और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसमें कई प्रकार के विटामिन और मिनरल भी होते हैं जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। इसलिए रोजाना एक गिलास दूध जरूर पीना चाहिए। दूध को सर्वोत्तम आहार माना गया है।

...लेकिन दूध के खिलाफ भी तर्क
नेचरोपैथी के अनुसार दूध पीना जरूरी नहीं है। दूध सेहत के लिए न तो अच्छा है और न ही बुरा। दूध एक वैकल्पिक फूड है। जो भी पोषण तत्व दूध में होते हैं, वे सब हरी सब्जियों और फलों में मिल जाते हैं। अगर कभी दूध पीना पड़े तो हमेशा देसी गाय का ताजा दूध ही पीना चाहिए। ध्यान रखें कि गाय को न तो कोई इंजेक्शन दिया गया हो और उसे किसी खूंटे पर बांधा गया हो। वह हमेशा खुले में रहती हो। गाय या भैंस को खूंटे से बांधने से वे बीमार हो जाती हैं और बीमार पशु से निकला दूध इंसानों को भी बीमार बना देता है। वैसे दूध एक संपूर्ण आहार है। नेचरोपैथी के अनुसार अगर रात को दूध पी रहे हैं तो खाना नहीं खाना चाहिए।

4 तरह का दूध है मार्केट में
1. ताजा दूध: इस दूध में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होती। गाय या भैंस को दुहने के बाद इसे तुरंत सीधा ग्राहक तक पहुंचाया जाता है। इस दूध का इस्तेमाल घरों में पीने, चाय बनाने, दही बनाने और दूसरे कामों में किया जा सकता है। 
2. मिल्क प्लांट से पैक दूध: विभिन्न कंपनियों जैसे मदर डेयरी, अमूल, पारस, पराग आदि के थैली या बोतल या बूथ पर आने वाला खुला दूध। 
3. मिलावटी दूध: ताजा दूध में पानी, अरारोट, यूरिया, चीनी आदि की मिलावट दूध की मात्रा बढ़ाने में की जाती है। इस दूध को इस्तेमाल करने वाला शख्स बीमार हो सकता है।
4. सिंथेटिक दूध: यह हकीकत में दूध नहीं होता लेकिन दूध जैसा दिखता है। इसे डिटर्जेंट, यूरिया, ऑयल, रंग आदि के जरिए तैयार किया जाता है। दूध जैसी खुशबू और टेस्ट के लिए इसमें कुछ मात्रा में ताजा दूध भी मिलाया जाता है। इस दूध का अधिकतर इस्तेमाल स्टेशनों पर चाय बनाने, शेक बनाने, लस्सी में मिक्स करने आदि में किया जाता है। इस दूध का इस्तेमाल सेहत के लिए हानिकारक है।

विटामिन-डी लेना है जरूरी
दूध में मौजूद कैल्शियम को हड्डियों में जज्ब होने के लिए विटामिन-डी का होना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि रोजाना कम से कम 30 मिनट धूप में जरूर रहें। विटामिन-डी से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए हमारे फेसबुक पेज facebook.com/SundayNBT पर जाएं और सर्च टूल में जाकर #VitaminD टाइप करें। वहीं अगर आपको दूध से और ज्यादा जानकारी चाहिए तो फेसबुक पेज पर जाएं। यहां आपको ऊपर ही दूध की जानकारी से जुड़ा लेख दिख जाएगा। अगर पेज न दिखे तो सर्च टूल में #milk टाइप करें। इस लेख में दूध से जुड़ी बहुत सारी जानकारी दी गई है।

कौन-सा दूध है बेहतर
मार्केट में इस समय कई कंपनियों का पैकिंग वाला दूध मौजूद है। मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि में पैकिंग वाला दूध काफी मात्रा में बिकता है। वहीं गांवों और छोटे शहरों और कस्बों में गाय या भैंस का ताजा दूध ही इस्तेमाल किया जाता है। जानें, भैंस या गाय का ताजा दूध और पैकिंग वाले दूध में कौन-सा दूध बेहतर है और इनका इस्तेमाल किस प्रकार करना चाहिए:
1. ताजा दूध
पीने के लिए ताजा दूध (गाय, भैंस आदि) ही सबसे अच्छा माना गया है। यह दूध न केवल प्राकृतिक तरीके से जानवरों की दुग्ध ग्रंथियों से बाहर आता है बल्कि इस दूध में जरूरी पोषक तत्व भी प्राकृतिक तरीके से मौजूद होते हैं। इस दूध में फैट, प्रोटीन, विटामिन-D, A, B1, कैल्शियम, फास्फोरस आदि होते हैं। यह दूध पीने से पहले उबाल जरूर लें, ताकि इसमें मौजूद कुछ हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाएं।
गाय और भैंस में किसका दूध बेहतर
- गाय के दूध में 3.5% से 5.5% तक और भैंस के दूध में 4.5% से 8% तक फैट होता है। इसमें कैलरी भी कम होती है। गाय का दूध आसानी से पच जाता है। 
- गाय के दूध में लगभग 90% पानी होता है। इस कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखता है। 
- गाय के दूध में लैक्टोज नामक शर्करा की मात्रा भैंस के दूध की अपेक्षा ज्यादा होती है। इसलिए गाय का दूध ज्यादा मीठा लगता है।
किसे कौन-सा दूध पीना चाहिए
गाय का दूध: 10 साल से ऊपर के बच्चे और वे लोग जो ऑफिस वर्क करते हैं या कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें शरीर का मूवमेंट ज्यादा नहीं होता, उन्हें गाय का दूध पीना चाहिए। हालांकि दो या तीन साल तक के बच्चों को गाय का दूध पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
भैंस का दूध: 10 साल तक के बच्चे और वे लोग जो जिम जाते हैं या ऐसा काम करते हैं जिसमें ज्यादा ताकत की जरूरत पड़ती है, उन्हें भैंस का दूध पीना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
- जिस जानवर का दूध निकाला जा रहा है, उसे कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए।
- जिस बर्तन में दूध निकालना है, वह अच्छे से धुला हुआ हो।
- जो शख्स जानवर का दूध निकाल रहा है, उसे कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए। अगर उसे टीबी या कोरोना जैसी बीमारी है तो इसका वायरस उस घर तक पहुंच सकता है जहां दूध जाता है।
- दूध हमेशा भरोसे वाले ग्वाले से ही खरीदें और इस बात का भी ध्यान रखें कि वह पानी या कोई दूसरी चीज दूध में न मिलाता हो। साथ ही गाय या भैंस को हारमोन वाला इंजेक्शन भी न लगाता हो।
ऐसे करें मिलावटी दूध की पहचान
अगर आपको लगता है कि आपके घर आने वाले दूध में मिलावट की गई है, तो दूध की क्वॉलिटी घर पर ही चेक कर सकते हैं। इसके लिए FSSAI की वेबसाइट (fssai.gov.in) पर पूरी जानकारी दी गई है। आप FSSAI वेबसाइट के पेज bit.ly/2XaKDtj पर जाकर मिलावटी दूध की पहचान के तरीके जान सकते हैं।
2. पैकिंग वाला दूध
थैली या बोतल वाला दूध मार्केट में कई वैरायटी में मिलता है। इसमें टोंड, डबल टोंड, स्किम्ड, फुल क्रीम, फ्लेवर्ड आदि शामिल हैं। यह दूध फ्रेश नहीं होता। जानवर से निकलने के करीब 24 से 72 घंटे बाद यह दूध कस्टमर तक पहुंचता है। इस दूध को पॉश्चुराइज्ड दूध भी कहा जाता है यानी दूध को एक खास तापमान तक गर्म करके तुरंत ठंडा कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में दूध में मौजूद बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं। साथ ही दूध में मौजूद जरूरी न्यूट्रिशंस भी नष्ट नहीं होते। जानें, इस दूध की क्या-क्या किस्में हैं:
1. फुल क्रीम दूध
इसे होल मिल्क भी कहते हैं। इस दूध से क्रीम को अलग नहीं किया जाता है। इस दूध में 6% तक फैट होता है।
किसे पीना चाहिए: यह दूध 5 साल तक के बच्चों, बॉडी बिल्डर्स और शारीरिक रूप से सख्त मेहनत करने वाले लोगों को पीना चाहिए।
2. टोंड दूध
फुल क्रीम दूध से कुछ फैट निकालकर टोंड दूध तैयार किया जाता है। टोंड दूध में फैट की मात्रा 3% होती है। हालांकि इस दूध के न्यूट्रिशन जैसे कैल्शियम और प्रोटीन में कोई कमी नहीं आती। 
किसे पीना चाहिए: कुपोषित लोग, प्रेग्नेंट महिलाएं, टीनएजर्स और वे जिनका पाचन खराब है, उन्हें यह दूध पीना चाहिए। 
3. डबल टोंड दूध
फुल क्रीम दूध में से टोंड दूध के मुकाबले ज्यादा फैट निकालकर डबल टोंड दूध बनता है। इसमें फैट की मात्रा 1.5% होती है।
किसे पीना चाहिए: वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज करने वालों को डबल टोंड दूध पीना चाहिए, क्योंकि यह दूध ऐसे लोगों की कैलरी को कंट्रोल में रखता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- पॉश्चुराइज्ड दूध पूरी तरह बैक्टीरिया-फ्री नहीं होता। इसमें कुछ बैक्टीरिया अप्रभावी रूप में मौजूद हो सकते हैं। 
- वैसे तो यह क्वॉलिटी चेक होकर कस्टमर तक आता है फिर भी इस दूध को बिना उबाले प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- इस दूध के बारे में दावा किया जाता है कि इसका बहुत बड़ा हिस्सा मिलावटी होता है जो सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। मिलावट के लिए इसमें फैट, प्रोटीन और दूसरे न्यूट्रिशन मिलाए जाते हैं।
- पॉश्चुराइज्ड दूध के पैकेट पर एक्सपायरी डेट होती है। उस डेट तक ही इस दूध को इस्तेमाल कर लेना चाहिए।
पैकिंग वाला दूध उबालना कितना जरूरी
अक्सर कहा जाता है कि पैकिंग वाले दूध को उबालने की जरूरत नहीं होती। उस दूध को सीधे ही बिना उबाले पी सकते हैं, क्योंकि यह पॉश्चुराइज्ड दूध होता है। वहीं दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि दूध कैसा भी हो, उसे इस्तेमाल से पहले एक बार जरूर उबाल लेना चाहिए क्योंकि पैकिंग के दौरान कुछ बैक्टीरिया घुसपैठ कर सकते हैं।

दूध पीने का सही समय और सही तरीका
सुबह के समय
ब्रेकफस्ट के समय दूध पीना सबसे सही समय माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार अलग-अलग मौसम में दूध इस प्रकार पीएं:
सर्दियों में: दूध के साथ रात को भीगे हुए 3-4 बादाम और 3-4 मुनक्का खाने चाहिए। बादाम का छिलका उतारकर खाएं।
गर्मियों में: दूध को उबालकर ठंडा कर लें और उसमें दूध के चौथाई हिस्से के बराबर ठंडा पानी मिलाएं। फिर इसमें स्वादानुसार मिश्री मिलाकर लें। 
बरसात में: 1 गिलास दूध में छोटे चम्मच का आठवां भाग सौंठ मिलाकर पीना चाहिए।

रात के समय
रात में खाना खाने के 3 घंटे बाद और सोने से आधा घंटा पहले दूध पीना चाहिए। अगर चाहे तो 1 गिलास दूध में छोटे चम्मच का चौथाई भाग हल्दी मिलाकर ले सकते हैं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है।

न मिलाएं मीठा 
दूध प्राकृतिक रूप से मीठा होता है इसलिए इसमें मीठा नहीं मिलाना चाहिए। हालांकि टेस्ट बदलने के लिए चीनी मिलाई जा सकती है, लेकिन बहुत कम।

नमकीन के साथ न करें सेवन
दूध का सेवन कभी भी परांठा या किसी ऐसी चीज के साथ न करें जिसमें नमक मिला हो। दूध का सेवन किसी भी फल जैसे आम (मैंगो शेक), केला (बनाना शेक) आदि के साथ भी नहीं करना चाहिए।


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