तकनीकी 04 || असिस्टिव और एक्सेसिबल टेक्नॉलजी

असिस्टिव और एक्सेसिबल टेक्नॉलजी एक खास तरह की तकनीक है। इसमें असिस्टिव का मतलब है ऐसे गैजेट्स या फीचर या ऐप्लिकेशन जो शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए ही खास तौर पर तैयार किए गए हैं। वहीं एक्सेसिबिलिटी का मतलब है, ऐसी चीजें जो सभी के द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन उनमें अलग से कुछ खास फीचर या क्षमताएं जोड़ी गई हैं जो उन्हें इस्तेमाल के काबिल बनाती हैं। इस तकनीक की मदद से कंप्यूटर, मोबाइल फोन, इंटरनेट आदि को सही ढंग से उपयोग करने की आजादी मिलती है। इसका मकसद यह कि डिसेबल्ड लोग भी डिजिटल उपकरणों के साथ पढ़ाई-लिखाई कर सकें, दफ्तरों में काम कर सकें, चैट कर सकें और चाहें तो मनोरंजन भी कर सकें। वे इनकी मदद से सोशल मीडिया पर भी ऐक्टिव रहते हैं और अपनी राय व्यक्त करते हैं। 

जिनके लिए एक चुनौती है, इस दुनिया को देखना
अगर किसी को देखने में परेशानी है। पूरी तरह न देख सकते हों या कम दिखता हो तो ऐसी तकनीक हैं जिनसे लोगों को काफी मदद मिलती है।

Laptop या Computer में सेटिंग्स

-Ease of Access Center
विंडोज में असिस्टिव सुविधाओं का एक समूह मौजूद है जो सेटिंग्स में ‘ईज ऑफ एक्सेस सेंटर’ नाम की जगह पर दिखाई देगा। यहां पहुंचने के लिए Windows + U दबाएं। चाहें तो सेटिंग्स के जरिए या फिर सर्च बॉक्स में Ease of Access लिखकर दिखने वाले लिंक के जरिए भी यहां पहुंच सकते हैं। यहां पर विंडोज की ऐसी ज्यादातर सुविधाओं के लिंक मौजूद हैं जिनकी जरूरत पड़ सकती है।

-Narrator
डिस्प्ले और माउस के बिना काम करने वाले लोगों के लिए नैरेटर बेहद उपयोगी है। ईज ऑफ एक्सेस सेंटर में मौजूद नैरेटर न सिर्फ स्क्रीन पर दिखने वाले टेक्स्ट बल्कि कंप्यूटर में उभरने वाले नोटिफिकेशन को भी पढ़कर सुनाता है। दृष्टिहीन और बहुत कमजोर नजर वाले लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसे ऐक्टिव करने के कई तरीके हैं:
1. Ease of Access Center में दिखने वाले Narrator को दबाएं।
2. टास्कबार के सर्च बॉक्स में Narrator लिखने पर दिखाए जाने वाले लिंक को क्लिक करें।

क्या करता है नैरेटर
नैरेटर टूल एक बॉक्स के रूप में खुलता है जिसे Minimize किया जा सकता है। अब आप जिस दस्तावेज, वेब पेज या विंडो पर काम कर रहे हैं, वहां नैरेटर उपलब्ध होगा। यह पुरुष और स्त्री, दोनों की आवाजों में बोल सकता है और इन आवाजों से किसी एक का चुनाव आप खुद कर सकते हैं।
-नैरेटर ज्यादातर सॉफ्टवेयरों में मौजूद टेक्स्ट को पढ़कर सुना सकता है, जैसे वर्ड, एक्सेल और पावरपॉइंट। इतना ही नहीं, वह वेबसाइटों की सामग्री को भी पढ़ सकता है।
-नैरेटर की बहुत-सी कीबोर्ड कमांड हैं जिनका इस्तेमाल करके बहुत तेजी से अपनी इच्छा के लिंक या जगह तक पहुंच सकते हैं।
- नैरेटर की कमांड के जरिए एमएस वर्ड की फाइल का भी मनचाहे ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं। मसलन, सिर्फ शीर्षकों को सुनना या सिर्फ पैराग्राफ को सुनना, किसी शब्द की स्पेलिंग सुनना या फिर पूरी की पूरी फाइल के टेक्स्ट को सुनना।
नैरेटर के प्रमुख कमांड्स
-नैरेटर को शुरू या बंद करें: Windows + Enter 
- नैरेटर की सारी कमांड्स जानने के लिए: Caps Lock + F1  
                        
Scan Mode
नैरेटर में स्कैन मोड भी आता है, इसके कमांड्स ज्यादा आसान हैं। इसे ऐक्टिव करने के लिए Caps Lock + Space बटन दबाएं। स्कैन मोड ऐक्टिव होने पर की-बोर्ड के अप-डाउन और लेफ्ट-राइट बटनों के जरिए ही अपने दस्तावेजों में आगे-पीछे बढ़ सकते हैं। अगर कोई बटन, लिंक आदि दबाना चाहे या कोई ऐप्लिकेशन खोलना चाहे तो स्पेस बटन या एंटर बटन का इस्तेमाल कर सकता है। 

-Magnifier
यह टूल स्क्रीन पर दिखने वाली हर चीज को बड़े आकार में दिखाता है, भले ही वह टेक्स्ट हो, चित्र हो, विडियो हो या कुछ और। यह ऐसा लगेगा कि जैसे अपने हाथ में एक पावरफुल लेंस लेकर कंप्यूटर की स्क्रीन को देख रहे हैं। अगर किसी की आंखें बहुत ज्यादा कमजोर हैं तो इससे मुश्किलें काफी आसान हो सकती हैं। मैग्निफायर भी नैरेटर की ही तरह विंडोज के Ease of Access Center का हिस्सा है। इसे शुरू करने के तरीके:

1.Windows + Plus की के जरिए या
2. Control Panel में Ease of Access Center में मौजूद Magnifier लिंक के जरिए या
3. टास्कबार के सर्च बॉक्स में Magnifier लिखें। अब दिखने वाले लिंक को क्लिक करें।

मैग्नीफायर के तीन अलग-अलग रूप हैं
-Full Screen Mode: इ इस मोड में कंप्यूटर की पूरी स्क्रीन का आकार बड़ा करके दिखाया जाता है।
- Lens Mode:  इस मोड में स्क्रीन पर चौकोर आकार का एक लेंस दिखता है और आपका माउस स्क्रीन पर जहां-जहां जाता है, उस हिस्से को लेंस के भीतर बड़े आकार में दिखाया जाता है। आप चाहें तो लेंस का आकार घटा-बढ़ा सकते हैं।
- Docked Mode: इसका मतलब एक ऐसे लेंस से है जो स्क्रीन के एक तरफ चिपका (डॉक्ड) रहता है- ऊपर, नीचे, दाएं या बाएं। माउस करसर के आसपास मौजूद टेक्स्ट या चित्रों को बड़े आकार में दिखाया जाता है। 
टिप: अगर आप सामने दी गई चीजों को और बड़ा या छोटा करना चाहते हैं तो Windows + Plus या Windows + Minus बटन का प्रयोग करें।

-High Contrast
कलर ब्लाइंडनेस का शिकार लोगों या बहुत कमजोर नजर वाले लोगों को ज्यादा रंगीन या विविधतापूर्ण तस्वीरों को देखने में तकलीफ होती है। विंडोज में हाई कंट्रास्ट का प्रयोग कर अपनी स्क्रीन को गिने-चुने सामान्य रंगों या ब्लैक एंड वाइट तक सीमित कर सकते हैं और उनके काम करने के लिए अनुकूल माहौल बना सकते हैं। हाई कंट्रास्ट को ऐक्टिव करने के लिए इस तरह आगे बढ़ें:

1. Windows + U की दबाकर Ease of access पर जाएं।
2. वहां लेफ्ट साइड में मौजूद High Contrast लिंक पर क्लिक करें।
3. अब खुलने वाली विंडो में Choose a theme शीर्षक के नीचे दिए बॉक्स को क्लिक करें। इसमें कई विकल्प दिखाए जाएंगे, जिनमें से अपनी सुविधा के लिहाज से कोई एक थीम चुनें। 
ये थीमें हैं: हाई कंट्रास्ट नंबर 1, हाई कंट्रास्ट नंबर 2, हाई कंट्रास्ट ब्लैक और हाई कंट्रास्ट व्हाइट। थीम चुनने के बाद Apply बटन दबाएं।
4. कंप्यूटर स्क्रीन के रंग तुरंत उस थीम के हिसाब से बदल जाएंगे।
- Mouse: : जिनकी नजरें कमजोर हैं, उन्हें माउस का कर्सर देखने या उसकी रफ्तार को समझने में दिक्कत आ सकती है, ऐसे लोग पहले Windows + U दबाएं, फिर लेफ्ट साइड में मौजूद Mouse में जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से माउस कर्सर का आकार बढ़ा-घटा सकते हैं या उसकी मोटाई को भी बदल सकते हैं। वे चाहें तो जहां रंगीन माउस का चित्र दिया गया है वहां से किसी रंग का चुनाव कर सकते हैं। तब माउस पॉइंटर का आकार बड़ा होने के साथ-साथ रंगीन भी दिखाई देगा। इससे माउस पाइंटर को पहचानना आसान हो जाएगा।
-Cursor: जैसे आपने माउस पाइंटर का आकार बढ़ाया उसी तरह से टेक्स्ट करसर को भी मोटा या पतला किया जा सकता है और उसका रंग बदला जा सकता है। इसके लिए Ease of Access Center में लेफ्ट साइड में Cusor' बटन पर क्लिक करें। अब वहां नीचे दिए स्लाइडर को राइट साइड में जितना बढ़ाएंगे, टेक्स्ट करसर की मोटाई उतनी ही बढ़ जाएगी।
- Office Theme: कलर ब्लाइंडनेस से पीड़ित लोगों को स्क्रीन का सफेद रंग परेशान कर सकता है। वे वर्ड, एक्सेल या पावरपॉइंट जैसे सॉफ्टवेयरों के इंटरफेस और वर्क एरिया का रंग बदलने के लिए थीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें स्लेटी रंग की थीम काफी अनुकूल महसूस होगी। पूरी थीम न बदलना चाहें तो आप सिर्फ बैकग्राउंड कलर भी बदल सकते हैं। ऑफिस के नए संस्करणों (ऑफिस 365, ऑफिस 2016, ऑफिस 2019 और ऑफिस 2021) में इन सुविधाओं को ऐक्टिव करने के लिए File > Account > Office Theme या Office Background में जाएं और मनचाहे रंग को चुन लें।
- Keyboard शॉर्टकट:  कोई भी ऑफिस ऐप्लिकेशन (वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट आदि) खोलकर अपने कंप्यूटर की Alt की को कुछ पल के लिए दबाएं। ऑफिस के रिबन मेनू में कुछ अक्षर हाइलाइट होकर दिखाई देंगे। ये की-बोर्ड शॉर्टकट हैं जिनका इस्तेमाल Alt की के साथ करते हुए माउस के बिना भी काम कर सकते हैं। जैसे M की को दबाएंगे मार्जिन ऑप्शन खुल जाएगा।

मोबाइल में Settings

iPhone या iPad में
इसके Accessibility सेक्शन में कुछ दूसरे फीचर भी मिलेंगे, जैसे ज़ूम करने की सुविधा, डिस्प्ले और टेक्स्ट साइज को कस्टमाइज करने की सुविधा, मोशन को कंट्रोल करने की सुविधा ताकि स्क्रीन पर आने वाले तेज रफ्तार एनिमेशन आपको परेशान न करें। 
यहां पर वॉयस ओवर नाम का स्क्रीन रीडर उपलब्ध है। इसे ऐक्टिव करने के लिए:
पहले Settings में और फिर थोड़ा नीचे स्क्रॉल करके Accessibility में जाएं। अब VoiceOver पर क्लिक करें।
नई विंडो में दिखने वाले ऑन-ऑफ बटन को टैप करके वॉयस ओवर को ऐक्टिव कर लें।
अगर उसे बंद करना हो तब भी यही प्रक्रिया अपनाएं। जल्दी-जल्दी डबल टैप करके ऑन-ऑफ बटन को ऑफ कर दें।
Seeing AI:
यह माइक्रोसॉफ्ट का ऐप्लिकेशन है, हालांकि जिसे सिर्फ आईफोन और आईपैड के लिए जारी किया गया है, एंड्रॉयड मोबाइल के अभी नहीं। यह दृष्टिहीनों के लिए एक तरह से कैमरे का काम करता है जो कुछ भी मोबाइल के कैमरे के सामने हो, उसके बारे में बोल कर बताता है।  यह आपके दस्तावेजों को पढ़ सकता है। आसपास मौजूद लोगों के बारे में बता सकता है, करंसी नोट पहचान सकता है, हैंडराइटिंग भी पढ़ सकता है, रंगों को पहचान सकता है, बार कोड पढ़कर डिस्क्रिप्शन सुना सकता है और आपके आसपास के माहौल के बारे में भी जानकारी दे सकता है। कम नजर वालों के लिए यह बेहद उपयोगी है। इसे इस्तेमाल करने के लिए:  ऐप स्टोर पर जाकर सर्च में Seeing AI ऐप सर्च करें। ऐप मिल जाने पर इंस्टॉल करें। अब ऐप को खोलें और उसमें दिए गए बटनों का इस्तेमाल करें। अगर कोई दस्तावेज पढ़ना है तो शॉर्ट टेक्स्ट बटन दबाएं। ऐप उस दस्तावेज को पढ़कर सुनाने लगेगा। इससे काफी मदद मिल जाती है।

Android मोबाइल में
जिस तरह विंडोज में नैरेटर से स्क्रीन रीडर आता है उसी तरह से एंड्रॉयड में 'टॉक बैक' नामक सुविधा उपलब्ध है। यह आपकी स्क्रीन पर मौजूद टेक्स्ट और तस्वीरों के बारे में बोलता है।
1. Talk Back चालू या बंद करने के लिए:
अपने स्मार्टफोन में Settings खोलें (किसी-किसी मोबाइल में इसके बाद Additional Settings में जाना होगा)।
यहां पर नीचे स्क्रॉल करके Accessibility चुनें और फिर Talk Back।
Talkback बटन को off से on
अब फोन की स्क्रीन को पढ़कर सुनाया जाने लगेगा।
2. एंड्रॉयड पर फॉन्ट का आकार बढाएंः
अपने फोन में Settings खोलें।
पहले Accessibility और फिर Text and display पर टैप करें 
फिर Font size पर टैप करें। 
3. एंड्रॉयड पर मैग्निफायरः
स्क्रीन पर सभी चीजों को बड़े आकार में देखने के लिए मैग्निफायर का इस्तेमाल करें। इसके लिए Settings में जाएं: पहले Accessibility और फिर Magnification पर टैप करें। 
अब इन तीन में से एक को चुनें जिसका बाद में आप एक कमांड के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे: n Accessibility Button   n Hold Volume Keys n Triple-Tap Screen। इनमें से जिस विकल्प को आप चुनेंगे, आगे उसका इस्तेमाल करके मैग्निफायर को चालू या बंद कर सकेंगे। बेहतर है कि दूसरा विकल्प चुनें जो आसान है। इसके तहत सिर्फ दोनों वॉल्यूम-की को कुछ सेकंड दबाकर रखना है।

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