वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे

खाने के बाद ये खा ना

7 June: World Food Safety Day Special

दोस्तो, कल यानी मंडे को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे है। यह दिन इसलिए मनाया जाता है ताकि दुनियाभर के लोगों यह जानकारी दी जा सके कि सेहत के लिहाज से खाने-पीने की गलत चीजें क्या होती हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। यह खराब खाना बीमार भी कर देता है। इसलिए हमेशा ऐसा खाना खाएं जो सेहत के लिए अच्छा हो और जिसे खाकर हमारा शरीर  एनर्जी से भरपूर रहे। इस बारे में एक्सपर्ट्स से जानकारी लेकर बता रहे हैं राजेश भारती

अगर हम सही खाना खाते हैं तो इससे न केवल भरपूर न्यूट्रिशन मिलता है बल्कि हम पूरे दिन एनर्जी से भरे रहते हैं। इसके अलावा शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ जाती है जो कोरोना जैसे वायरस को खत्म करने में मदद करती है। साथ ही बीमार होने की आशंका बहुत कम हो जाती है या जल्दी-जल्दी हम बीमार नहीं पड़ते।

इन आदतों को अपनाएं
1. पैक्ड फूड से रहें दूर 
हो सकता है कि हमें पैक्ड फूड आइटम अच्छे लगते हों, लेकिन ये सेहत के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। इसलिए मम्मी या पापा से कहें कि वे फ्रेश चीजें घर पर तैयार करके खाने के लिए दें। अगर चिप्स खाने हैं तो बाजार से न लें। चिप्स घर पर भी बनाए जा सकते हैं। इसी तरह पैक्ड जूस पीने से अच्छा है कि घर में फ्रूट्स का फ्रेश जूस निकालकर पी लें। इस काम में मम्मी या पापा की हेल्प ले सकते हैं। ज्यादातर पैक्ड फूड में कैलरी बहुत ज्यादा होती है जिससे इन्हें खाने से मोटापा बढ़ता है और बहुत ज्यादा खाने से पेट भी खराब हो सकता है। 
2. फ्रोजन फूड से बनाएं दूरी
अगर मटर-पनीर खाने हैं तो जाहिर है कि मार्केट में इस समय फ्रोजन मटर ही मिलेगा, ताजा नहीं। ग्रीन मटर सर्दियों में ही बाजार में आती है। वैसे अब पूरे साल सभी तरह की सब्जियां और फल मिलते हैं लेकिन हमें मौसम के हिसाब से ही फल-सब्जी खानी चाहिए। जिस सब्जी या फल का मौसम होगा, वह उन दिनों बाजार में सस्ता होता है। बाकी मौसम के लिए इन्हें फ्रीज करके रखा जाता है। बिना मौसम का फ्रोजन फूड हमारे पेट के लिए अच्छा नहीं होता। इससे जरूरी न्यूट्रिशन भी नहीं मिलता। अभी गर्मी का मौसम है तो इन दिनों आम, लीची, तरबूज, खरबूजा आदि फलों और सब्जियों में भिंडी, लौकी, टिंडे, तोरई, कटहल आदि का सीजन है। इसलिए इन्हें खाने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। मम्मी-पापा से भी कहें कि फ्रोजन फूड के बजाय सीजनल फूड ही खरीदें। अगर किसी को लौकी पसंद नहीं है तो इसकी पकौड़ी यानी कोफ्ते की सब्जी बना सकते हैं। 
3. गर्म-ठंडी चीजों को न मिलाएं
कोई भी गर्म चीज खाने या पीने के तुरंत बाद ठंडी चीजें न तो खाएं और न पीएं। अगर चाय, कॉफी या दूध के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने की आदत है तो ऐसा न करें। वहीं गर्म खाना जैसे गर्मागर्म खीर या कोई दूसरी चीज खाने के एकदम बाद ठंडा पानी न लें। अगर बर्गर, पिज्जा जैसी गर्म चीजों के साथ कोल्ड ड्रिंक पीते हैं तो यह आदत भी छोड़ दें। किसी को गर्मागर्म गुलाब जामुन या हॉट चॉकलेट पर आइसक्रीम डालकर खाने की आदत है तो ऐसा न करें। शहद खाते हैं तो न तो उसे गर्म करके खाएं और न किसी गर्म चीज में मिलाकर खाएं। गर्म शहद खाने से उसका न्यूट्रिशन खत्म हो जाता है। गर्म-ठंडी चीजों को साथ-साथ खाने या पीने से स्किन की बीमारियां हो जाती हैं।
4. भूख नहीं है तो जबरदस्ती न खाएं
अगर भूख नहीं है और खाने की कोई मनपसंद चीज देखकर मुंह से लार टपकने लगे तो खुद पर कंट्रोल करें। नहीं तो वजन कंट्रोल से बाहर होने लगेगा। भूख न लगने पर भी खाने से वजन बढ़ता है। वहीं अगर सू-सू या पॉटी का प्रेशर बन रहा है तो पहले इसी से फ्री हो जाएं। तभी कुछ खाएं या पीएं।
5. डिनर के बाद कुछ न खाएं
डिनर करने के बाद दूध पीने के अलावा और कुछ न खाएं। दूध भी खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद लें। अगर आइसक्रीम खानी है तो खाना खाने से 1 घंटा पहले या 1 घंटे बाद खाएं।  खाने के तुरंत बाद आइसक्रीम खाने से खाना पचने में परेशानी होती है। इससे पेट भी खराब हो सकता है। 
6. कोल्ड ड्रिंक को कहें नो
आप सोच रहे होंगे कि हम इतनी सारी फेवरिट चीजों को छोड़ने के लिए कह रहे हैं। अब कोल्ड ड्रिंक पर भी उंगली उठा दी। हम ऐसा कह रहे हैं तो अच्छी हेल्थ के लिए ही कह रहे हैं। बेहतर होगा कि कोल्ड ड्रिंक की जगह शिकंजी, लस्सी, छाछ, नारियल पानी, सत्तू आदि नेचरल चीजों का इस्तेमाल करें।

दूध के साथ ये न लें
दूध के साथ ड्राई फ्रूट्स को छोड़कर कुछ न खाएं। दूध के साथ इन चीजों को लेने से बचें:
- दूध के साथ कभी भी कोई भी नमकीन चीज जैसे कोई नमकीन, पराठा, ब्रेड, बिस्किट, टोस्ट आदि न लें। दरअसल इनमें नमक (सोडियम क्लोराइड) मिला होता है। कोई भी नमकीन चीज खाने के कम से कम 1 घंटे बाद ही दूध पीएं।
- अगर दूध में कोई एनर्जी पाउडर मिलाकर लेते हैं तो ऐसा न करें। दरअसल, ज्यादातर इन पाउडर में नमक मिला होता है। अगर उस पाउडर के डिब्बों पर लगे लेबल को पढ़ेंगे तो वहां लिखा होगा कि जिन चीजों से वह बना है उनमें नमक भी है। अगर वहां नमक (Salt) नहीं लिखा है तो सोडियम क्लोराइड जरूर लिखा होगा।
- दूध में शहद मिलाकर लेते हैं तो ध्यान रखें कि दूध गर्म न हो। शहद हमेशा ठंडे दूध में ही मिलाकर लें। किसी भी तरह की खट्टी चीजों जैसे दही-पराठा, अचार-पराठा आदि के साथ भी दूध न पीएं।

खाने में ये चीजें करें शामिल
- खाने में दालें जरूर शामिल करें। मूंग और अरहर की दाल ज्यादा खाएं क्योंकि इनमें प्रोटीन कुछ कम मात्रा में होता है और ये आसानी से हजम हो जाती हैं। हफ्ते में 3 से 4 दिन दालें जरूर खाएं।
- सब्जी में घीया, तोरई, टिंडे, परवल, कच्चा पपीता, सफेद पेठा आदि जरूर खाएं। अगर इनकी सब्जी पसंद नहीं है तो मम्मी से कहें कि इन सब्जियों के कटलेट बनाकर ब्रेकफस्ट में दे दिया करें। ये सब्जियों न केवल शरीर को डिटॉक्स करती हैं बल्कि इनमें न्यूट्रिशन भी काफी मात्रा में होता है।
- दिन में एक बार आंवला या आंवले का मुरब्बा या आंवले की कैंडी जरूर खानी चाहिए।
- देसी घी का इस्तेमाल करें। रोटी पर देसी घी लगाकर खाएं।
- मम्मी या पापा से कहें कि अगर सब्जी या दूसरी चीजें रिफाइंड ऑयल में बनाती हैं तो इसकी जगह सरसों, तिल या मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें। रिफाइंड ऑयल में बैड कॉलेस्ट्रॉल होता है। यह हार्ट के लिए सही नहीं होता।


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