आम आदमी पार्टी और पंजाब इलेक्शन 2022
10 मार्च 2022 की मतगणना के पहले घंटे में ही अमूमन उनींदे रहने वाले धुरी कस्बे में आतिशबाजी की तड़तड़ाहट और विजयोल्लास से भरी ढोलों की आवाजें गूंजने लगीं। यह सब इस बार कांग्रेस या बीजेपी और उसके समर्थक पार्टी के समर्थन में नहीं था।
राज्य में इस बार आम आदमी पार्टी की आंधी इस तरह चली कि इस आंधी ने न सिर्फ राजनीतिक दलों की जड़ों को हिलाया, बल्कि इस आंधी ने राज्य में राजनीतिक सफाई कर दी। साथ ही कई बड़े कद्दावर नेताओं को भी धराशायी कर दिया।
आम आदमी पार्टी (आप) के समर्थक हाथों में पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू लेकर अपने स्थानीय उम्मीदवार और मुख्यमंत्री पद के दावेदार चेहरे भगवंत मान के घर पहुंचने लग गए थे।
दोपहर होते-होते धीरे-धीरे हवा साफ होती गई और जश्न पूरे राज्य में फैलता चला गया क्योंकि आम आदमी पार्टी 92 सीटों और 42 फीसद वोट हिस्सेदारी के साथ ऐतिहासिक कामयाबी की तरफ पूरी ताकत से आगे बढ़ रही थी।
शाम तक पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय द्वारा पंजाब विधानसभा चुनाव के घोषित नतीजों के आधार पर आम आदमी पार्टी ने 117 सीटों में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस पार्टी को 42.01 प्रतिशत मत प्राप्त किए। 18 सीटों पर जीत के साथ कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही, जिसे 22.98 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। शिअद को 18.38 प्रतिशत मतों के साथ 3 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि भाजपा को 6.60 प्रतिशत मतों के साथ सिर्फ 2 सीटों पर जीतेंगे।
पंजाब में आप ही आप
(दिल्ली जैसी रिकॉर्ड जीत)
कुल सीटें 117
बहुमत: 59
92 आप
18 कांग्रेस
02 भाजपा
04 शिअद+
01 अन्य
Punjab Result Status |
Status Known For 117 out of 117 Constituencies |
| Party | Won | Leading | Total |
|---|
| Aam Aadmi Party | 92 | 0 | 92 |
| Bahujan Samaj Party | 1 | 0 | 1 |
| Bharatiya Janata Party | 2 | 0 | 2 |
| Independent | 1 | 0 | 1 |
| Indian National Congress | 18 | 0 | 18 |
| Shiromani Akali Dal | 3 | 0 | 3 |
| Total | 117 |
आप का इतिहास
★ अप्रैल 2011 में अन्ना आंदोलन के बाद 2 अक्तूबर 2012 को जन्म।
★ 2013 में पहला विधानसभा चुनाव दिल्ली में लड़ा, 70 में 28 सीटें जीती और 43 सीटों से आठ पर सिमटी कांग्रेस के साथ सरकार बनाई।
★ 2014 में 400 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ा और पंजाब में चार सीटें जीतकर लोकसभा में अपनी जगह बनाई।
★ 2018 में पंजाब में लड़े और 20 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी।
★ 2015 में दिल्ली विधानसभा में 70 में से 67 सीटें जीतकर अपने बूते सरकार बनाई।
★ 2020 में भी दिल्ली विधानसभा में 70 में से 62 सीटों कब्जा किया और अपने बूते सरकार बनाई।
★ अब 2022 में भी पंजाब विधानसभा में 117 में से 92 सीटों कब्जा किया और भगवंत मान के मंत्रित्व में अपने बूते सरकार बनाई।
भगवंत मान
पंजाब के लोकप्रिय कॉमेडियन से राजनेता बने भगवंत मान ने राजनैतिक प्रतिष्ठान के खिलाफ अपनी फब्तियों से खासी तारीफें बटोरीं। वे 2014 से संगरूर से ही आम आदमी पार्टी के सांसद मान की हंसी मजाक से भरी भाषण कला ने लोकसभा में अपनी अलग पहचान बनाई।
यह सब कुछ समय और साफ हो गया जब उन्होंने अपने गृहराज्य में अपने तीखे कटाक्षों से पंजाब के दो सियासी दिग्गजों, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के प्रकाश सिंह बादल और पूर्व कांग्रेसी अमरिंदर सिंह तथा उनकी पार्टियों के प्रति मतदाताओं के मन मैं अपने मोह को भंग किया और साथ ही उनके मन में संदेह की लौ जलाए रखी। इस प्रकार भगवंत मान ने पारंपरिक पार्टियों के प्रति लोगों की मोह भंग का आवाहन किया। जिसमें वे कामयाब रहे।
उनके इस जज्बे ने चुनावों पर भी अपनी छाप छोड़ी और पंजाब की राजनीति के बड़े दिग्गजों को धूल चटा दी। इस फेहरिस्त में सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी जो 2 सीटों चमकौर साहिब और भदौड़ से चुनाव लड़ रही थी वे दोनों सीटों से चुनाव हारे।
अमृतसर पूर्व से कांग्रेस के प्रमुख नवजोत सिद्धू को हार का स्वाद चखने के साथ ही पंजाब की अपनी पारंपरिक सीट लांबी से उखाड़ फेंके गए।
प्रकाश सिंह बादल, जलालपुर से पराजित उनके बेटे और एसएडी के पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल और बठिंडा ग्रामीण सीट से चारों खाने चित्त वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के अलावा और भी कई हैं. पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने गढ़ पटियाला से हार गए, इन सभी जगहों पर आप के उम्मीदवारों ने फतह के झंडे गाड़े। आप को उस अफरा-तफरी का पूरा फायदा मिला जो सितंबर 2021 के मध्य में कांग्रेस की ओर से अमरिंदर को हटाए जाने के बाद पंजाब की राजनीति में मची थी। नेतृत्व के अभाव में पार्टी नेता आपस में गुत्थमगुत्था हो गए जिससे मतदाताओं में भ्रम फैला।
इस बदलाव के शिल्पकार गांधी भाई-बहनों प्रियंका और राहुल ने भ्रम को खत्म करने की कम ही कोशिश की। चुनाव के महज दो हफ्ते पहले जब चन्नी को पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया, तब तक नुक्सान हो चुका था।
राज्य के पहले दलित मुख्यमंत्री चन्नी समर्थन के लिए खुद अपने रामदासी रविदसिया समुदाय पर भारी भरोसा करके चल रहे थे। इस समुदाय का पंजाब के दोआबा इलाके में दबदबा है, जो राज्य विधानसभा में 23 विधायक भेजता है अंततः हुआ यह कि कांग्रेस इस इलाके की महज आठ सीटें जीत पाई। दलित उसके पीछे लामबंद नहीं हुए, इसके पीछे मोटा-मोटी वजह थी कांग्रेस के भीतर जबरदस्त अंतर्कलह और दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में लिए गए गड़बड़ फैसले। हकीकत यह है कि व्यापक दोआबा इलाके की सुल्तानपुर लोधी सीट से निर्दलीय विजेता और उद्योगपति राणा गुरजीत सिंह के बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे।
इन चुनावों में कांग्रेस की सीटें पिछली विधानसभा की 80 सीटों से घटकर महज 18 रह गईं। वोट हिस्सेदारी 2017 की 38.5 फीसद से घटकर 23 फीसद पर आ गई, जो पार्टी के लिए उग्रवाद के बाद के युग का नया निचला स्तर है, उनके पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी एसएडी का भी अपने पारंपरिक पंथिक वोटरों का भरोसा गंवाने का सिलसिला थमा नहीं, बादल परिवार इन लोकप्रिय धारणाओं से दागदार नजर आता है, फिर चाहे वे कितनी भी मनगढ़ंत हों, कि उन्होंने सिख धार्मिक संस्थाओं की बेअदबी की कथित घटनाओं के दोषियों की सरपरस्तो की, मादक पदार्थों के व्यापारियों को पनाह दी और एसजीपीसी के गुरुद्वारों की रकम में गड़बड़ी की।
उधर, उनके तत्कालीन सहयोगी दल भाजपा के प्रति लंबे चले किसान आंदोलन के नतीजतन मतदाताओं की बेरुखी बनी रही। नतीजा यह कि 100 साल पुराना एसएडी अपनी सहयोगी पार्टी बसपा की अकेली सीट के साथ महज तीन सीटों पर सिमट गया। 18.4 फीसद वोट हिस्सेदारी के साथ इस पंथिक पार्टी का यह अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है।
सरहदी राज्य की इस हैरतअंगेज जीत ने पार्टी नेताओं के मन में आप की ज्यादा बड़ी राष्ट्रीय भूमिका की महत्वाकांक्षा जगा दी है। पार्टी के पंजाब चुनाव प्रभारी राघव चड्ढा कहते हैं, "इसमें कोई शक नहीं कि आज के नतीजों ने आप को भारतीय राजनीति के इतिहास में अब तक की सबसे तेजी से बढ़ती राजनैतिक पार्टी बना दिया है। आज हम राष्ट्रीय पार्टी हैं। देश भर में मजबूत ताकत हैं जिसकी अनदेखी में नहीं की जा सकती किसी भी दूसरी पार्टी ने यह हैसियत हासिल नहीं की। यह तय करना आप पर नहीं है कि गुजरात, हिमाचल प्रदेश में चुनाव लड़े या नहीं, यह तय करना इन राज्यों के लोगों पर है कि वे अपने राज्य में आप को चाहते हैं या नहीं. " इस साल जब राज्यसभा के चुनाव होंगे, आप पंजाब से पांच सदस्य ऊपरी सदन में भेज सकेगी, आप ने चंडीगढ़ में अपने पंख फैला ही लिए हैं। यहां 35 सदस्यों के स्थानीय निगम में उसके 14 सदस्य चुनकर आए। इसी तरह पार्टी के दो सदस्य गोवा में चुने गए. मगर उनकी आसमान
इस हवा में पंजाब के 8 सांसदों के रिश्तेदार हारे।
पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जहां दो सांसद भगवंत मान व प्रताप बाजवा जीते हैं वहीं सुखबीर बादल को हार का सामना करना पड़ा।
इस बार 8 सांसदों के रिश्तेदार विधानसभा चुनाव हार गए जिनमें सुखबीर बादल व हरसिमरत कौर के सबसे ज्यादा रिश्तेदार हैं, जिनमें हरसिमरत के पति सुखबीर, ससुर प्रकाश सिंह बादल व भाई बिक्रम मजीठिया का नाम शामिल है, वहीं सुखबीर व हरसिमरत के रिश्तेदार मनप्रीत बादल व आदेश प्रताप कैरों को भी हार का सामना करना पड़ा है।
इसके अलावा जहां परनीत कौर के पति कैप्टन अमरेन्द्र सिंह, सांसद रवनीत बिट्टू के भाई गुरकीरत कोटली, दामाद विक्रम सिंह मोफर, अमर सिंह के बेटे कामिल चुनाव भी चुनाव में हार गए। उधर राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा के भाई फतेहजंग बाजवा, सुखदेव ढींडसा के बेटे परमिंदर ढींडसा व बलविंदर भूंदड़ के बेटे दिलराज सिंह चुनाव हार गए।
पंजाब ने क्यों चुना आप को
1. किसान आंदोलन में भाजपा का रवैया सिख किसानों को नागवार गुजरा, तो कैप्टन की बर्खास्तगी ने उन्हें कांग्रेस से बेजार कर दिया।
2. एक ओर कांग्रेस के खिलाफ भारी सत्ता विरोधी लहर दूसरी तरफ सिद्धू के चन्नी के खिलाफ मोर्चा खोलने से पार्टी के प्रति बची-खुची सद्भावना भी खत्म हो गई।
3. एसएडी नेतृत्व में विश्वास की कमी और पंजाब की सारी बीमारियों के जिम्मेदार होने की धारणा ने एसएडी के सारे मौके खत्म कर दिए।
4. अगस्त 2021 से आप का लगातार अभियान, केजरीवाल के दिल्ली के सुशासन मॉडल को पंजाब में लागू करने का वादा, भगवंत मान की अपेक्षाकृत साफ छवि ने आप का बटन दबाने के लिए प्रेरित किया।
'आप' की आंधी के 5 बड़े कारण
★ आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली सरकार के आधार पर किए गए लोक पक्षीय वादे
★ माफिया राज के खिलाफ आक्रामक रुख और लोगों का पारंपरिक पार्टियों से मोहभंग
★ आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लगातार दूसरी पार्टियों के नेताओं को भ्रष्टाचार के लिए निशाने पर रखा। विरोधी पार्टियों को बचाव करना मुश्किल रहा
★ लोगों के मन में पारंपरिक पार्टियों को बार-बार आजमाने से छुटकारा पाकर बदलाव लाने की इच्छा
★ पंजाब में भारी जीत के बाद लोगों का अभिवादन करने भगवंत मान
चंडीगढ़, 10 मार्च,
शहीद भगत सिंह के जन्मस्थल पर शपथ लेंगे भगवंत मान
जालन्धर (धवन): आप के सी.एम. फेस भगवंत मान ने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा फिक्र बेरोजगारी की है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद हम पहले दिन ही अपनी कलम बेरोजगारी दूर करने के लिए चलाएंगे। अब पंजाब के दफ्तरों में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहब भीम राव अम्बेदकर की तस्वीर लगेगी मान ने कहा कि पहले पंजाब का मुख्यमंत्री राजभवन में शपथ लेता था। हम भगत सिंह के जन्मस्थल खटकड़ कला में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना, इससे कांग्रेस का दलित कार्ड हुआ विफल
पंजाब में जीत
हमने लोगों के काम की शुरुआत की है, बाबासाहेब आंडेबकर और भगत सिंह का सपना पूरा होने लगा है। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, ये सारे लोग (विपक्षी नेता) मेरे खिलाफ और आम आदमी पार्टी के खिलाफ इकट्ठे हो गए थे। सबका एक ही मकसद था कि आम आदमी पार्टी नहीं आनी चाहिए, बड़े बड़े षड्यंत्र किए गए। सारे मिलकर बोले कि केजरीवाल आतंकवादी है। आज इन नतीजों के जरिये जनता ने बोल दिया कि केजरीवाल आतंकवादी नहीं है, बल्कि देश का सच्चा सपूत और देशभक्त है। जनता कह रही है कि आतंकवादी तुम लोग हो जो देश को लूट रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, हमें संकल्प लेना है कि हम एक नया भारत बनाएंगे जहां नफरत नहीं होगी, कोई भूखा नहीं सोएगा, गरीबों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी। मेडिकल की शिक्षा लेने के लिए कई बच्चों को यूक्रेन जाना पड़ता है। हम एक ऐसा भारत बनाएंगे कि यहां के बच्चों को यूक्रेन नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि बाहर के लोग शिक्षा के लिए भारत आएंगे। अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती ताकत का अहसास करवाते हुए कहा, पहले दिल्ली में इंकलाब हुआ, अब पंजाब, गोवा में इंकलाब हुआ और यह इंकलाब पूरे देश में पहुंचेगा। उन्होंने आह्वान किया कि सारी महिलाएं, युवा, किसान, मजदूर, व्यावसायी और उद्योगपति आम आदमी पार्टी में शामिल हो जाएं। उन्होंने पंजाब के बड़े नेताओं पर तंज कसा कि जिस लाभ सिंह ने भदौर से चरणजीत सिंह चन्नी को हराया है वो मोबाइल फोन की मरम्मत करने की दुकान में नौकरी करते हैं। एक आम कार्यकर्ता जीवनज्योत कौर ने सिद्धू जी और मजीठिया दोनों को हरा दिया...। हमने 75 साल खराब कर दिए और अब समय खराब नहीं करना है। लोगों ने बड़ी उम्मीदें जताई हैं, हमें उनको टूटने नहीं देना है। कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि हमें गाली का जवाब गाली से नहीं देना है। हमें देश की राजनीति बदलनी है। हमें प्यार मोहब्बत की राजनीति करनी है, सेवा की राजनीति करनी है। आने वाला समय भारत का है। दुनिया का नंबर वन देश बनने से उसे कोई नहीं रोक सकता।
आम आदमी पार्टी ने इतिहास रचा है
अप्रैल 2011 में अन्ना आंदोलन के बाद जब राजनेताओं ने इन आंदोलनकारियों को ललकारा तो अरविंद केजरीवाल केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने 2 अक्तूबर 2012 को आम आदमी पार्टी के घोषणा कर दी। आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी के बारे में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा था, "वो कहानी खत्म हो गई।"
अमित शाह ने भी 2014 में कहा, "अगर केजरीवाल राजनीति में रहने का फैसला करते हैं तो मैं उनके साथ बहस करने को तैयार हूं...।"
लेकिन समय ने हालात ऐसे बदले कि आज इतिहास में भाजपा से पहले आम आदमी पार्टी का नाम दर्ज हो गया, क्योंकि आम आदमी पार्टी पहला राजनीतिक दल है, जो अपने दम पर एक दशक में दो सूबों ( राज्यों) में सरकार बनाने में सफल हुई है।
आप नेता राघव चड्ढा के अनुसार, राजनेता कल तक आम आदमी पार्टी को दिल्ली की पार्टी बताते थे, आज वही आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
अब आम आदमी पार्टी की नजर राष्ट्रीय पार्टी बनने पर है और इसके लिए इसी साल के अंत नवम्बर-दिसम्बर में हिमाचल प्रदेश, गुजरात, अगले साल छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान में होने वाले चुनावों में चुनौती देने की तैयारियां शुरू कर चुके हैं।
अरविंद केजरीवाल के अनुसार अगले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस के विकल्प के तौर पर खुद को मान रही है। आज उन्होंने अपने भाषण में जोरदार ढंग से कहा, इंकलाब अब पूरे देश में होगा।
बुरा ना मानो होली है !
पंजाब आम आदमी पार्टी के विधायको में
6 डॉक्टर, 11 वकील, 2 गायक, 2 2 गीतकार, 3 प्रोफेसर, 2 प्राचार्य, 2 शिक्षक, 7 मजदूर, 6 इंजीनियर, 21 किसान, 9 व्यापारी, 5 खिलाड़ी, 2 पूर्व पुलिस कर्मचारी है।
पंजाब में बंपर जीत से राज्यसभा में होगा 6 सदस्यों का फायदा
राज्यसभा में बढ़ेगी 'आप' की ताकत, बनेगी पांचवीं बड़ी पार्टी
देश के अन्य राज्यों में राज्यसभा
पंजाब विधानसभा चुनाव के शानदार प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी राज्यसभा में भी पांचवीं बड़ी पार्टी बनेगी। पंजाब में आम आदमी पार्टी को 92 सीटें हासिल हुई हैं और इतने विधायकों के साथ आम आदमी पार्टी के लिए 6 सदस्य राज्यसभा में भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया है। फिलहाल आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में 3 सदस्य हैं और ये तीनों ही सीटें उसे दिल्ली में मिली बंपर जीत के बाद मिली हैं और अब पंजाब में मिली बम्पर जीत के बाद राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या 9 हो जाएगी।
फिलहाल भाजपा 97 सीटों के साथ राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी है जबकि कांग्रेस कांग्रेस 34 सीटों के साथ दूसरे, तृणमूल कांग्रेस 13 सदस्यों के साथ तीसरे, डी. एम. के. 10 सदस्यों के साथ चौथे और बीजू जनता दल 9 सदस्यों के साथ पांचवें स्थान पर है। अब 31 मार्च के 6 सीटों के चुनाव और जुलाई में होने वाले दो सीटों के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी भी बीजद के साथ राज्यसभा में पांचवें नंबर की पार्टी हो जाएगी।
राष्ट्रपति शासन लगने के कारण बिगड़ा पंजाब का गणित
की सीटों के लिए हर दो साल बाद मतदान होता है लेकिन पंजाब में 1987 से 1992 तक राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के कारण पंजाब में यह गणित गड़बड़ाया हुआ है और विधानसभा के सदस्यों को हर 10 साल बाद ही राज्य सभा में मतदान का अवसर मिलता है। 1987 में विधानसभा भंग होने के कारण पंजाब के विधायक राज्यसभा सदस्यों का चुनाव नहीं कर सके थे और बाद में 1992 में सभी राज्यसभा सदस्यों का चयन 1992 में हुआ था लिहाजा उसके बाद से यह सिलसिला चल रहा है और पंजाब के सदस्य एक हो बार चुने जाते हैं।
आम आदमी पार्टी के विधायकों को पहली बार मिलेगा चुनाव का मौका
पंजाब में राज्यसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है और 5 सीटों पर यह चुनाव 31 मार्च को होने जा रहा है जबकि दूसरे चरण का दो सीटों का AAP चुनाव जून महीने के अंतिम सप्ताह में हो सकता है। पंजाब में चुने गए आप के विधायकों को पहली बार राज्यसभा में वोट डालने का मौका मिलेगा। पिछली विधानसभा में भी आम आदमी पार्टी को 20 सीटें हासिल हुई थीं और सीट संख्या के लिहाज से आम आदमी पार्टी एक राज्यसभा सीट जीत सकती थी लेकिन पंजाब में राज्यसभा चुनाव का गणित इस तरह का है कि दस साल बाद ही राज्यसभा चुनाव में सदस्यों को वोट डालने का मौका मिलता है।
कैसे चुना जाता है राज्यसभा का सदस्य
राज्यसभा का सदस्य विधायकों के वोट से तय होता है। इसके लिए एक फार्मूला के तहत विधायक के एक वोट की वैल्यू तय की जाती है। फार्मूले के तहत विधानसभा में कुल सीटों की संख्या को 100 के साथ गुणा किया जाता है और इसके पश्चात इसे उस राज्य की खाली होने वाली राज्य सभा की सीटों में अंक जोड़ कर कुल संख्या से विभाजित किया जाता है। इसके बाद जो जवाब निकलेगा उसे 100 से विभाजित किया जाता है और इसके बाद उतने हासिल हो जाएगी।
विधायकों की संख्या निकलती है जिनका समर्थन राज्यसभा के चुनाव के लिए जरूरी है। पंजाब में आम आदमी पार्टी अप्रैल में होने वाले चुनाव में 5 में से 4 सीटें आसानी से जीत सकती है और जुलाई में भी उसे दो सीटों पर आसानी से जीत हासिल हो सकती है।
कांग्रेस का एक सीट जीतना भी मुश्किल, अकाली दल और भाजपा शून्य होगी
पंजाब में राज्यसभा के सदस्य हैं और मौजूदा समय में राज्यसभा की तीन-तीन सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर भाजपा का कता है लेकिन मौजूदा स्थिति में सिर्फ कांग्रेस ही राज्यसभाका एक सदस्य जीतने की स्थिति में है और इसके लिए भी अपने सदस्यों को एकजुट रखना पड़ेगा और साथ ही अन्य विधायकों का समर्थन भी जुटाना पड़ेगा क्योंकि 31 मार्च को हो रहे 5 सीटों के चुनाव के पहले चरण के 3 मीटों के चुनाव के लिए विपक्ष को जितने वोटों की जरूरत होगी उतने वोट उनके पास नहीं है। फिलहाल भाजपा के श्वेत मलिक पंजाब से राज्यसभा में है और उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद भाजपा का कोई सदस्य पंजाब से राज्यसभा नहीं जा पाएगा जबकि शिअद के बलविंदर सिंह भूंदड, नरेश गुजराल, सुखदेव सिंह ढींडसा और कांग्रेस के अंबिका सोनी, शमशेर सिंह ठूलो और प्रताप सिंह बाजवा का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है, हालांकि प्रताप सिंह बाजवा कादियां सीट से चुनाव जीत कर विधानसभा जरूर पहुंच जाएंगे।
आप संयोजक केजरीवाल से भगवंत मान ने की मुलाकात
विधानसभा चुनाव में रिकार्ड जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ सोलह मार्च को लेंगे शपथ ग्रहण समारोह स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़कलां में होगा। मान ने शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान आप संयोजक अरविंद केजरीवात से आशीर्वाद लेते पंजाब के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी भगवंत मान ने बताया जाता है कि शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व पार्टी की तरफ से अमृतसर में 13 मार्च को एक रोड शो भी निकाला जाएगा। दोनों कार्यक्रमों में केजरीवाल व कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। केजरीवाल ने भगवंत मान से हुई मुलाकात को लेकर ट्वीट भी किया। उन्होंने ट्वीट में कहा, 'मेरा छोटा भाई भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। आज वह शपथ ग्रहण का न्योता देने मेरे घर आए। मुझे पूरा भरोसा है कि भगवंत एक (शेष पृष्ठ 9 कालम 4 पर)
पृष्ठभूमि और अवलोकनपंजाब विधान सभा का कार्यकाल 23 मार्च 2022 को समाप्त होने वाला है। [7] पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2017 में हुआ था। चुनाव के बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राज्य सरकार बनाई , जिसमें अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने । [8]
राजनीतिक विकास
18 सितंबर 2021 को, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के अन्य सदस्यों के साथ मतभेदों पर इस्तीफा दे दिया और चरणजीत सिंह चन्नी ने उनका उत्तराधिकारी बना लिया । [9] [10] 27 अक्टूबर 2021 को, सिंह ने घोषणा की कि वह चुनाव लड़ने के लिए एक नई पार्टी का गठन करेंगे। [11] उन्होंने 2 नवंबर 2021 को आधिकारिक तौर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और एक नए राजनीतिक दल, पंजाब लोक कांग्रेस की स्थापना की । [12]
जून से नवंबर 2021 के बीच आप के पांच विधायक कांग्रेस में शामिल हुए। [13] [14]
दिसंबर 2021 में हुए चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में, आम आदमी पार्टी ने 14 सीटें जीतीं और कुल 35 सीटों की परिषद में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। [15]
जनवरी 2022 तक, कांग्रेस के चार विधायक भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से एक वापस लौट आया। [16] [17]
18 जनवरी 2022 को, AAP ने विधानसभा चुनाव के लिए भगवंत मान को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। [18]
6 फरवरी को, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। [19]
कुल 1304 उम्मीदवार मैदान में थे। 2266 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया और इनमें से 1645 वैध पाए गए। 341 ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।
आम आदमी पार्टी
मार्च 2021 में, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मोगा जिले के बाघा पुराण में किसान महापंचायत की और चुनाव प्रचार शुरू किया। [54] 28 जून 2021 को, केजरीवाल ने चंडीगढ़ में एक भाषण में घोषणा की कि अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो सभी पंजाबियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। [55] 30 सितंबर 2021 को, केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि अगर AAP चुनाव जीत जाती है, तो उनकी सरकार पंजाब में मोहल्ला क्लीनिक बनाएगी जो मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा। [56]22 नवंबर 2021 को, अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि अगर आप पंजाब जीतती है तो 18 साल से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये दिए जाएंगे। [57]
9 फरवरी को आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और सांसद भगवंत मान ने लोकसभा में किसानों के मुद्दे उठाए. गन्ना किसानों का वर्ष 2020-21 और 2021-22 का भुगतान लंबित था। उन्होंने ब्याज सहित बकाया जल्द से जल्द भुगतान करने की अपील की। उन्होंने कीट के हमले से कपास किसानों को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को 2020-2021 के भारतीय किसानों के विरोध के दौरान मारे गए किसानों को पहचानना चाहिए । [58]
अनमोल गगन मान ने आप के लिए प्रचार गीत "भगत सिंह, करतार सराभा सारे ही बन चले, भाई हूं जागो आयां, सरकार बदला चला, भाई हूं जागो आया" गाया। इंडियन एक्सप्रेस ने गीत को "प्रचार अभियान के दौरान बहुत हिट" कहा। [59]
10 मार्च को चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। आम आदमी पार्टी ने सोलहवीं पंजाब विधानसभा में 117 में से 92 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया। [4]
11 मार्च 2022 को, AAP पंजाब के संयोजक और सांसद भगवंत मान को AAP विधायक सदस्यों ने विधानसभा में अपना नेता चुना। [102] मान ने 16 मार्च को खटकर कलां गांव में एक सार्वजनिक समारोह में पंजाब सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली , जब पंद्रहवीं पंजाब विधान सभा का कार्यकाल समाप्त हो गया। [103] 10 कैबिनेट मंत्रियों ने 19 मार्च को चंडीगढ़ में पंजाब राजभवन के गुरु नानक देव सभागार में शपथ ली । [104] [105] शपथ लेने वाले आठ मंत्री ग्रीनहॉर्न (पहले कार्यकाल) के विधायक थे जबकि दो अपने दूसरे कार्यकाल में थे।[106]
कैबिनेट में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन मान ने एक छोटा कैबिनेट नियुक्त करने का फैसला किया। मान ने हर मंत्री को हासिल करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। अगर लक्ष्य पूरे नहीं होते हैं तो लोग "मंत्री को हटाने की मांग कर सकते हैं"। [107]
Punjab Assembly Election 2022 Seat Wise Winner List:
| सीट का नाम | विजेता उम्मीदवार का नाम | पार्टी | वोटों का अंतर |
| अबोहर | संदीप जाखड़ | कांंग्रेस | 5471 |
| आदमपुर | सुखविंदर सिंह कोटली | कांग्रेस | 4567 |
| अजनाला | कुलदीप सिंह धालीवाल | आप | 7843 |
| अमरगढ़ | जसवंत सिंह गजण माजरा | आप | 6043 |
| अम्लोह | गुरिंदर सिंह गैरी बड़िंग | आप | 24663 |
| अमृतसर केन्द्रीय | अजय गुप्ता | आप | 14026 |
| अमृतसर पूर्व | जीवन ज्योत कौर | आप | 6750 |
| अमृतसर उत्तरी | कुँवर विजय प्रताप सिंह | आप | 28318 |
| अमृतसर दक्षिण | इंदरबीर सिंह निज्जर | आप | 27503 |
| अमृतसर पश्चिम | डॉ: जसबीर सिंह संधू | आप | 43913 |
| आनन्दपुर साहिब | हरजोत सिंह बैंस | आप | 45780 |
| आतम नगर | कुलवंत सिंह सिध्दू | आप | 16354 |
| अट्टारी | जसविंदर सिंह | आप | 19794 |
| बाबा बकाला | दलबीर सिंह टोंग | आप | 19552 |
| बलाचौर | संतोष कुमारी कटारिया | आप | 4541 |
| बल्लुआना | अमनदीप सिंह मुसाफिर | आप | 19173 |
| बंगा | सुखविंदर कुमार सुख्खी | शिरोमणि अकाली दल | 5069 |
| बरनाला | गुरमीत सिंह मीत हेयर | आप | 37622 |
| बस्सी पठ्ठाना | रुपिंदर सिंह | आप | 37841 |
| बटाला | अमनशेर सिंह (शैरी कलसी) | आप | 28472 |
| भटिण्डा ग्रामीण | अमित रतन कोटफ्ता | आप | 35479 |
| भटिण्डा नगर | जगरूप सिंह गिल | आप | 63581 |
| भदौड़ | लाभ सिंह उगोके | आप | 37558 |
| बाघापुराना | अमृतपाल सिंह सुखानन्द | आप | 33759 |
| भोआ | लाल चन्द | आप | 1204 |
| भोलथ | सुखपाल सिंह खहिरा | कांग्रेस | 9225 |
| भुचो मण्डी | जगसीर सिंह | आप | 50212 |
| बुढलाडा | बुद्ध राम | आप | 51691 |
| चब्बेवाल | डा. राज कुमार | कांग्रेस | 7646 |
| चमकौर साहिब | चरणजीत सिंह | आप | 7942 |
| दाखा | मनप्रीत सिंह इयाली | शिरोमणि अकाली दल | 5807 |
| दसूहा | करमबीर सिंह | आप | 8587 |
| डेरा बाबा नानक | सुखजिंदर सिंह रंधावा | कांग्रेस | 466 |
| डेरा बस्सी | कुलजीत सिंह रंधावा | आप | 21721 |
| धर्मकोट | दविंदरजीत सिंह लाडी ढोस | आप | 29972 |
| धूरी | भगवंत मान | आप | 58206 |
| दीनानगर | अरुणा चौधरी | कांग्रेस | 1131 |
| दिड़बा | हरपाल सिंह चीमां | आप | 50655 |
| फरीदकोट | गुरदित्त सिंह सेखों | आप | 16797 |
| फतेहगढ़ चूड़ियां | त्रिपत रजिंदर सिंह बाजवा | कांग्रेस | 5545 |
| फतेहगढ़ साहिब | लखवीर सिंह राय | आप | 32199 |
| फाजिल्का | नरिंदर पाल सिंह सवना | आप | 27720 |
| फिरोजपुर शहर | रणबीर सिंह | आप | 19569 |
| फिरोजपुर ग्रामीण | रजनीश कुमार दहीया | आप | 27746 |
| गढ़शंकर | जय कृष्ण | आप | 4179 |
| घनौर | गुरलाल घनौर | आप | 31765 |
| गिद्ड़बाहा | अमरिंन्द्र सिँह राजा वडिंग | कांग्रेस | 1349 |
| गिल्ल | जीवन सिंह संगोवाल | आप | 57644 |
| गुरदासपुर | बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा | कांग्रेस | 7335 |
| गुरू हर सहाय | फौजा सिंह | आप | 10574 |
| होशियारपुर | ब्रम शंकर (जिम्पा) | आप | 13859 |
| जगराओं | सरवजीत कौर मानूके | आप | 39656 |
| जयतू | अमोलक सिंह | आप | 32789 |
| जलालाबाद | जगदीप कम्बोज | आप | 30930 |
| जालंधर छावनी | परगट सिंह पोवार | कांग्रेस | 5808 |
| जालंधर केन्द्रीय | रमन अरोड़ा | आप | 247 |
| जालंधर उत्तरी | अवतार सिंह जूनियर | कांग्रेस | 9486 |
| जालंधर पश्चिम | शीतल अंगुराल | आप | 4253 |
| जन्डियाला | हरभजन सिंह ई.टी.ओ. | आप | 25383 |
| कपूरथला | राणा गुरजीत सिंह | कांग्रेस | 7304 |
| करतारपुर | बलकार सिंह | आप | 4574 |
| खाडूर साहिब | मनजिंदर सिंह लालपुरा | आप | 16491 |
| खन्ना | तरुणप्रीत सिंह सौंद | आप | 35620 |
| खरड़ | अनमोल गगन मान | आप | 37885 |
| खेमकरण | सरवन सिंह धुन | आप | 11882 |
| कोटकपुरा | कुलतार सिंह संधवां | आप | 21130 |
| लम्बी | गुरमीत सिंह खुडियां | आप | 11396 |
| लेहरा | बरिन्द्र कुमार गोयल वकील | आप | 26518 |
| लुधियाना केन्द्रीय | अशोक पराशर (पप्पी) | आप | 4804 |
| लुधियाना पूर्व | दलजीत सिंह ग्रेवाल (भोला) | आप | 35922 |
| लुधियाना उत्तर | मदन लाल बग्गा | आप | 15282 |
| लुधियाना दक्षिण | राजिंदर पाल कौर | आप | 26138 |
| लुधियाना पश्चिम | गुरप्रीत बस्सी गोगी | आप | 7512 |
| मजीठा | गनीव कौर मजीठिया | शिरोमणि अकाली दल | 26062 |
| मलेरकोटला | मोहम्मद जमील उर रहमान | आप | 21686 |
| मलोट | डॉ. बलजीत कौर | आप | 40261 |
| मानसा | डा. विजय सिंगला | आप | 63323 |
| मौड़ | सुखवीर सिंह माईसरखाना | आप | 35008 |
| महल कलां | कुलवंत सिंह पंडोरी | आप | 30347 |
| मोगा | डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा | आप | 20915 |
| मुकेरियॉ | जंगी लाल महाजन | भारतीय जनता पार्टी | 2691 |
| मुक्तसर | जगदीप सिंह ‘काका बराड़’ | आप | 34194 |
| नाभा | गुरदेव सिंह देव मान | आप | 52600 |
| नकोदर | इंदरजीत कौर मान | आप | 2869 |
| नवां शहर | डॉ॰ नच्छत्तर पाल | बहुजन समाज पार्टी | 5376 |
| निहाल सिंह वाला | मनजीत सिंह बिलासपुर | आप | 37984 |
| पठानकोट | अश्विनी कुमार शर्मा | भारतीय जनता पार्टी | 7759 |
| पटियाला | अजीत पाल सिंह कोहली | आप | 19873 |
| पटियाला ग्रामीण | डॉ.बलबीर सिंह | आप | 53474 |
| पट्टी | लालजीत सिंह भुल्लर | आप | 10999 |
| पायल | मनविंदर सिंह गिआसपूरा | आप | 33009 |
| फगवाड़ा | बलविंदर सिंह धालीवाल | कांग्रेस | 2712 |
| फिल्लौर | विक्रमजीत सिंह चौधरी | कांग्रेस | 12303 |
| कादीयां | प्रताप सिंह बाजवा | कांग्रेस | 7174 |
| रायकोट | हाकम सिंह ठेकेदार | आप | 27644 |
| राजा सांसी | सुखबिंदर सिंह सरकारिया | कांग्रेस | 5474 |
| राजपुरा | नीना मित्तल | आप | 22493 |
| रामपुरा फूल | बलकार सिंह सिद्धू | आप | 10410 |
| रूपनगर | दिनेश कुमार चड्ढा | आप | 23632 |
| एस.ए.एस. नगर | कुलवंत सिंह | आप | 34097 |
| साहनेवाल | हरदीप सिंह मूंडीयाँ | आप | 15193 |
| समाना | चेतन सिंह जोड़ामाजरा | आप | 39713 |
| समराला | जगतार सिंह दयालपुरा | आप | 30890 |
| संगरूर | नरिन्दर कौर भराज | आप | 36430 |
| सनौर | हरमीत सिंह पठानमाजरा | आप | 49122 |
| सरदूलगढ़ | गुरप्रीत सिंह बनाँवाली | आप | 41371 |
| शाहकोट | हरदेव सिंह लाडी | कांग्रेस | 12079 |
| शाम चौरासी | डा.रवजोत सिंह | आप | 21356 |
| शुतराना | कुलवंत सिंह बाज़ीगर | आप | 51554 |
| श्री हरगोबिन्दपुर | अमरपाल सिंह | आप | 16963 |
| सुजानपुर | नरेश पुरी | कांग्रेस | 4636 |
| सुल्तानपुर लोधी | राणा इंद्र प्रताप सिंह | निर्दलीय | 11434 |
| सुनाम | अमन अरोड़ा | आप | 75277 |
| तलवन्डी साबो | प्रो. बलजिंदर कौर | आप | 15252 |
| तरन तारन | डॉ. कश्मीर सिंह सोहल | आप | 13588 |
| उड़मुड़ | जसवीर सिंह राजा गिल | आप | 4190 |
| जीरा | नरेश कटारिया | आप | 22776 |
CANDIDATE NAME PARTY STATUS
(CONSTITUENCY)
1.Naresh Puri (Sujanpur) INC WINS
2. Lal Chand (Bhoa) AAP WINS
3. Ashwani Kumar Sharma
(Pathankot) BJP WINS
4. Barindermeet Singh (PahraGurdaspur) INC WINS
5. Aruna Chaudhary
(Dina Nagar) INC WINS
6. Partap Singh Bajwa
(Qadian) INC WINS
7. Amansher Singh [Shery Kalsi]
(Batala) AAP WINS
8. Amarpal Singh
(Sri Hargobindpur) AAP WINS
9. Tripat Rajinder Singh
(Fatehgarh Churian) INC WINS
10. Sukhjinder Singh Randhawa
(Dera Baba Nanak) INC WINS
11. Kuldeep Singh Dhaliwal
(Ajnala) AAP WINS
12. Sukhbinder Singh Sarkaria
(Raja sansi) INC WINS
13. Ganieve Kaur Majithia
(Majitha) SAD WINS
14. Harbhajan SinghJandiala AAP WINS
15. Kunwar Vijay Pratap SinghAmritsar North AAP WINS
16. Dr. Jasbir Singh SandhuAmritsar West AAP WINS
17. Ajay GuptaAmritsar Central AAP WINS
18. Jeevan Jyot KaurAmritsar East AAP WINS
19. Inderbir Singh NijjarAmritsar South AAP WINS
20. Jaswinder SinghAttari AAP WINS
21. Dr. Kashmir Singh SohalTarn taran AAP WINS
22. Sarvan Singh DhunKhem karan AAP WINS
23. Laljit Singh BhullarPatti AAP WINS
24. Manjinder Singh LalpuraKhadoor Sahib AAP WINS
25. Dalbir Singh TongBaba Bakala AAP WINS
26. Sukhpal Singh KhairaBholath INC WINS
27. Rana Gurjeet SinghKapurthala INC WINS
28. Rana Inder Partap SinghSultanpur Lodhi IND WINS
29. Balwinder Singh DhaliwalPhagwara INC WINS
30. Vikramjit Singh ChaudharyPhillaur INC WINS
31. Inderjit Kaur MannNakodar AAP WINS
32. Hardev Singh LaddiShahkot INC WINS
33. Balkar SinghKartarpur AAP WINS
34. Sheetal AnguralJalandhar West AAP WINS
35. Raman AroraJalandhar Central AAP WINS
36. Avtar Singh JuniorJalandhar North INC WINS
37. Pargat Singh PowarJalandhar Cantt INC WINS
38. Sukhwinder Singh KotliAdampur INC WINS
39. Jangi Lal MahajanMukerian BJP WINS
40. Karambir SinghDasuya AAP WINS
Jasvir Singh Raja GillUrmar AAP WINS
Dr.Ravjot SinghSham Chaurasi AAP WINS
Bram Shanker (Jimpa)Hoshiarpur AAP WINS
Dr. Raj KumarChabbewal INC WINS
Jai KrishanGarhshankar AAP WINS
Sukhwinder KumarBanga SAD WINS
Nachhatar PalNawan Shahr BSP WINS
Santosh Kumari KatariaaBalachaur AAP WINS
Harjot Singh BainsAnandpur Sahib AAP WINS
Dinesh Kumar ChadhaRupnagar AAP WINS
Charanjit SinghChamkaur Sahib AAP WINS
Anmol Gagan MaanKharar AAP WINS
Kulwant SinghSAS Nagar AAP WINS
Rupinder SinghBassi Pathana AAP WINS
Lakhbir Singh RaiFatehgarh Sahib AAP WINS
Gurinder SinghAmloh AAP WINS
Tarunpreet Singh SondKhanna AAP WINS
Jagtar SinghSamrala AAP WINS
Hardeep Singh MundianSahnewal AAP WINS
Daljit Singh GrewalLudhiana East AAP WINS
Rajinder Pal KaurLudhiana South AAP WINS
Kulwant Singh SidhuAtam Nagar AAP WINS
Ashok Parashar (Pappi)Ludhiana Central AAP WINS
Gurpreet Bassi GogiLudhiana West AAP WINS
Madan Lal BaggaLudhiana North AAP WINS
Jiwan Singh SangowalGill AAP WINS
Manwinder Singh GiaspuraPayal AAP WINS
Manpreet Singh AyaliDakha SAD WINS
Hakam SinghRaikot AAP WINS
Sarvjit Kaur ManukeJagraon AAP WINS
Manjit Singh BilaspurNihal Singh Wala AAP WINS
Amritpal Singh SukhanandBhagha Purana AAP WINS
Dr. Amandeep Kaur AroraMoga AAP WINS
Devinderjeet SinghDharamkot AAP WINS
Naresh KatariaZira AAP WINS
Ranbir SinghFirozpur City AAP WINS
Rajneesh Kumar DahiyaFirozpur Rural AAP WINS
Fauja SinghGuru Har Sahai AAP WINS
Jagdeep KambojJalalabad AAP WINS
Narinder Pal Singh SawnaFazilka AAP WINS
Sandeep JakharAbohar INC WINS
Amandeep Singh MusafirBalluana AAP WINS
Gurmeet Singh KhudianLambi AAP WINS
Amrinder Singh Raja WarringGidderbaha INC WINS
Dr. Baljit KaurMalout AAP WINS
Jagdeep Singh (Kaka Brar)Muktsar AAP WINS
Gurdit Singh SekhonFaridkot AAP WINS
Kultar Singh SandhwanKotkapura AAP WINS
Amolak SinghJaitu AAP WINS
Balkar Singh SidhuRampura Phul AAP WINS
Jagsir SinghBhucho Mandi AAP WINS
Jagroop Singh GillBathinda Urban AAP WINS
Amit RattanBathinda Rural AAP WINS
Prof. Baljinder KaurTalwandi Sabo AAP WINS
Sukhveer Singh MaiserkhanaMaur AAP WINS
Vijay SinglaMansa AAP WINS
Gurpreet Singh BanawaliSardulgarh AAP WINS
Budh RamBudhlada AAP WINS
Barinder Kumar GoyalLehra AAP WINS
Harpal Singh CheemaDirba AAP WINS
Aman AroraSunam AAP WINS
Labh Singh UgokeBhadaur AAP WINS
Gurmeet Singh Meet HayerBarnala AAP WINS
Kulwant Singh PandoriMehal Kalan AAP WINS
Mohammad Jamil Ur RehmanMalerkotla AAP WINS
Prof. Jaswant Singh Gajjan MajraAmargarh AAP WINS
Bhagwant MannDhuri AAP WINS
Narinder Kaur BharajSangrur AAP WINS
Gurdev Singh Dev MaanNabha AAP WINS
Balbir SinghPatiala Rural AAP WINS
Neena MittalRajpura AAP WINS
Kuljit Singh RandhawaDera Bassi AAP WINS
Gurlal GhanaurGhanaur AAP WINS
Harmit Singh PathanmajraSanour AAP WINS
Ajit Pal Singh KohliPatiala AAP WINS
Chetan Singh JouramajraSamana AAP WINS
Kulwant Singh BazigarShutrana AAP WINS
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