चौका नं० 04 - 1. आएगा तो .... ही 2. पापा को अवार्ड 3. सेल का मतलब 4. क्योंकि आज इतवार है

चौका नं० 04 - 1. आएगा तो .... ही, 2. पापा को अवार्ड 3. सेल का मतलब 4. क्योंकि आज इतवार है

एक (1)
🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪🤪

शादी के डेढ़ वर्ष पश्चात घर में फिर से आनंद छाया...

सास ने मातारानी की मन्नतें रखी...

ससुर ने खुशी में बीड़ी छोड़ने का प्रण लिया ...

ननद ने नाम भी सोच लिए...

छोटा भाई चाचा बनने के सपने देखने लगा...  

पत्नी भी अपनी आने वाली संतान के लिए सोचने लगी कि लड़का होगा या लड़की 

रात को पत्नी ने प्यार से पति का हाथ अपने पेट पर रख कर पूछा ...

“सुनो जी, आपको क्या लगता है, कौन आएगा?”

पति ने हमेशा की तरह बेफिक्री से कहा ...

*आएगा तो ............. ही*
😄🤓😄🤣

दो (2)

रोजाना मम्मी अपने 6 साल के बेटे को स्कूल छोड़ने एवं लेने जाती थी । एक दिन शाम को मम्मी किसी काम में बिजी थी।🤣😊😄😂🤭🤔🤔🤣

अतः तय हुआ कि आज बेटू को पापा लेकर आएंगे.!!!
शाम को मम्मी ने बेटे से पूछा कैसी रही आज पापा के साथ ड्राइव..??? मजा आया
या डर लगा...???😁
बेटू : मजा -डर तो अपनी जगह है , लेकिन पापा को रास्ते में वो सब नहीं दिखे जो आपको रोज दिखते हैं.!!!
जैसे- 
इडियट.....
अंधा
बहरा......
गधा......
नॉनसेंस.....
बेवकूफ....🙄
उन्हें सिर्फ ये दिखे..❤️
ब्यूटीफुल....
वाओ.....
गॉर्जियस.....
ओए होए....
मर जावां...!!! 

आज शाम को पापा को अवार्ड दिया जाएगा, आप लोग भी आना।।।।।
 😜😅😅🤭🤔🤫😊😄😂😅😅😅😅😅😅


😂😂😂😂😝😝😝
बडी दुविधा होती रही थी जब :

1.बायोलॉजी के टीचर ने पढाया : सेल मतलब ‘शरीर की कोशिकाएँ’।

2.फिजिक्स के टीचर ने पढाया : सेल मतलब ‘बैटरी’।

3.इकोनॉमिक्स के टीचर ने पढाया: सेल मतलब ‘बिक्री’।

4.हिस्ट्री के टीचर ने पढाया : सेल मतलब ‘जेल’।

5.अंग्रेजी के टीचर ने पढाया: सेल मतलब ‘मोबाइल’।

पढ़ाई ही छोड़ दी भाई साब, यह सोचकर कि जिस स्कूल में पांच शिक्षक एकमत नहीं है उस स्कूल में पढ़ कर क्या होगा ?
और
*सच्चा ज्ञान मिला जब पत्नी ने बताया सेल मतलब सूट साड़ियों पर ‘डिस्काउंट’ !!* 
😆😝😆

*बीवी की अहमियत*

एक साहब कहते हैं कि दफ्तर जाते हुए रोजाना इनकी बेगम इन्हें कुछ न कुछ याद दिलाती थी कि
 'आप चाबी भूलकर जा रहे हैं, आपने अपनी घड़ी नहीं उठायी, आपका पर्स यहीं रह गया है' वगैरह-वगैरह..

कहते हैं मैं बड़ी शर्मिंदगी महसूस करता था, ऐसे लगता था कि जैसे मेरी बीवी मुझे अक्ल से पैदल समझ कर ये चीजें याद दिलाती है।

एक रात को सोने से पहले मैंने अपने साथ ले जाने वाली हर चीज की एक लिस्ट बनाई, 
सुबह उठकर लिस्ट की एक एक चीज को निशान लगा कर जेब में डाला और कार में जा कर बैठा ही था कि दरवाजे पर बेगम दिखाई दी ।

और एक शान से अपने सर को हिलाते हुए मुझे तन्जिया नजरों से देखा- 

मैंने भी वही से बैठे बैठे उसे कह दिया कि बस बहुत हो गया : 
आज मैं कुछ नहीं भूला और तुम्हारी इन सब गुजि़शता (पिछली) याद दहानियो का बहुत शुक्रिया

बेगम बोली: चलो वो तो ठीक है लेकिन अब वापस आकर दोबारा सो जाओ ।

मैंने बेगम की तरफ घूर कर देखा और हासिल और हाथ से इशारा करके पूछा क्यों ?

तब मैडम जी गाड़ी के पास है मैंने गाड़ी का सीसा नीचे किया तो वह बोली

*क्योंकि आज इतवार है!*
🙏🏻

लेखक (चौका नं० 04)

ॐ जितेंद्र सिंह तोमर
13/5/8/10/2021

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