पर काया प्रवेश
🔱 परकाय प्रवेश (परकाया प्रवेश) की सम्पूर्ण जानकारी: सिद्धांत, घटनाएँ, प्रक्रिया और रहस्य (5000+ शब्दों में विस्तृत विश्लेषण) 1. भूमिका : क्या होता है परकाय प्रवेश? 'परकाय प्रवेश' (Sanskrit: Parakāya Praveśa ) एक अद्भुत, अलौकिक और अत्यंत रहस्यमयी योगिक प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत कोई सिद्ध आत्मा (योगी या महापुरुष) किसी अन्य व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है और उस शरीर को नियंत्रित करता है। यह योग की एक उच्चतम अवस्था मानी जाती है, जिसमें आत्मा (सूब्त / मुक्त चेतना) शरीर के बंधनों से स्वतंत्र होकर एक अन्य शरीर में प्रवेश करती है। शब्दार्थ: पर = दूसरा काय = शरीर प्रवेश = अंदर जाना अर्थात — किसी अन्य शरीर में प्रवेश करना। 2. योगशास्त्र में परकाय प्रवेश का स्थान 2.1 पतंजलि योग सूत्र (Yoga Sutras of Patanjali) पतंजलि ऋषि ने अपने सूत्रों में परकाय प्रवेश की अवधारणा को विभूति पाद (तीसरे अध्याय) में शामिल किया है: "परकाय प्रवेशः" — (योगसूत्र 3.39) "कायान्तरो परकाय प्रवेशः" – (योगसूत्र 3.39) भावार्थ: योगी जब संपूर्ण आत्मनियंत्रण और प्राण नियंत्...